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ओस्लो में पीएम मोदी की बड़ी कूटनीतिक बैठकें

India Nordic Summit 2026: ओस्लो में पीएम मोदी की अहम बैठकें, AI, 6G, ग्रीन एनर्जी और रक्षा में बढ़ेगा सहयोग-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में इंडिया-नॉर्डिक समिट 2026 से पहले कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के प्रधानमंत्रियों से व्यापार, नई तकनीक, क्लीन एनर्जी, रक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के रिश्ते तेजी से मजबूत हो रहे हैं और आने वाले समय में कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ेगी।

फिनलैंड के साथ AI और 6G तकनीक पर चर्चा-प्रधानमंत्री मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री Petteri Orpo से मुलाकात के बाद बताया कि दोनों देश 6G तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करना चाहते हैं। इस साल दोनों देशों के बीच कई स्तरों पर बातचीत हुई है और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने की योजना है।

जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर फोकस-भारत और फिनलैंड ने क्लाइमेट चेंज, सर्कुलर इकॉनमी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। दोनों देशों ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को लेकर साझेदारी मजबूत करने पर सहमति जताई। माना जा रहा है कि आने वाले समय में ग्रीन टेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ेगा।

डेनमार्क के साथ ग्रीन एनर्जी और निवेश पर जोर-पीएम मोदी ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री Mette Frederiksen से मुलाकात में पानी, स्वच्छ ऊर्जा, शिपिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत और डेनमार्क फिनटेक, रक्षा, इंडस्ट्री और इनोवेशन में भी साझेदारी बढ़ा सकते हैं। साथ ही डेनमार्क के पेंशन फंड्स को भारत में निवेश बढ़ाने का न्योता दिया।

भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत-डेनमार्क के साथ हुई बैठक में भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को भी अहम मुद्दा माना गया। दोनों नेताओं ने कहा कि यह समझौता भारत और यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। इससे व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे और दोनों क्षेत्रों की कंपनियों को फायदा होगा।

आइसलैंड के साथ ब्लू इकॉनमी पर सहयोग-प्रधानमंत्री मोदी ने आइसलैंड की प्रधानमंत्री Kristrún Frostadóttir से मुलाकात में क्लीन एनर्जी, फिशरीज, जियोथर्मल एनर्जी और कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी पर चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि आइसलैंड की ब्लू इकॉनमी में विशेषज्ञता भारत के लिए सीखने लायक है और दोनों देश इस क्षेत्र में मिलकर काम कर सकते हैं।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने की योजना-भारत और आइसलैंड के बीच हुई बातचीत में India-EFTA समझौते को आर्थिक सहयोग बढ़ाने वाला बताया गया। दोनों देशों ने माना कि इस समझौते से समुद्री संसाधनों और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को नई गति मिलेगी। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ने की उम्मीद है।

इंडिया-नॉर्डिक समिट में कई अहम मुद्दों पर चर्चा-ओस्लो में तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में भारत के साथ नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्री शामिल होंगे। इस समिट में व्यापार, निवेश, स्पेस टेक्नोलॉजी, ग्रीन शिपिंग और वैश्विक सुरक्षा जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। यह समिट भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

इसरो और नॉर्वे के बीच स्पेस सहयोग की संभावना-समिट के दौरान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और नॉर्वे की स्पेस एजेंसी के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत हो सकती है। स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट रिसर्च और समुद्री निगरानी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की उम्मीद है। यह समिट भारत और नॉर्डिक देशों के रिश्तों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगा।

 

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