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अमेरिका-चीन के बीच बड़ा समझौता: ट्रेड, निवेश और दुर्लभ खनिजों पर बनी सहमति

अमेरिका-चीन रिश्तों में नया मोड़-अमेरिका और चीन के बीच हाल ही में एक बड़ा समझौता हुआ है, जो दोनों देशों के व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा के दौरान यह समझौता हुआ, जिसमें दोनों देशों ने निष्पक्षता और सहयोग के आधार पर नए रिश्ते बनाने का फैसला किया। इसे दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।

ट्रेड और निवेश के लिए नए बोर्ड बनाए गए-इस समझौते की खास बात यह है कि दोनों देशों ने US-China Board of Trade और US-China Board of Investment नाम के दो नए बोर्ड बनाए हैं। ट्रेड बोर्ड गैर-संवेदनशील सामानों के व्यापार को संभालेगा, जबकि निवेश बोर्ड निवेश से जुड़े मुद्दों पर दोनों सरकारों के बीच बातचीत का मंच बनेगा। इससे व्यापार और निवेश के रास्ते और आसान और व्यवस्थित होंगे।

Rare Earth Minerals पर चीन ने भरोसा जताया-चीन ने अमेरिका की उन चिंताओं को दूर करने का भरोसा दिया है जो Rare Earth Minerals और सप्लाई चेन की कमी से जुड़ी थीं। ये खनिज जैसे यट्रियम, स्कैंडियम, नियोडिमियम और इंडियम टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद जरूरी हैं। चीन ने इनके उत्पादन और प्रोसेसिंग पर पाबंदियों को लेकर बातचीत जारी रखने की बात कही है।

ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सहमति-दोनों नेताओं ने वैश्विक सुरक्षा पर चर्चा की और माना कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की जरूरत पर भी सहमति बनी। उन्होंने कहा कि किसी भी देश या संगठन को वहां से गुजरने वाले जहाजों से जबरन शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे पर साझा लक्ष्य-अमेरिका और चीन ने उत्तर कोरिया को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के लिए साथ काम करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि ताइवान का जिक्र इस समझौते में नहीं हुआ, लेकिन ट्रंप ने ताइवान को हथियार बेचने के मुद्दे को बातचीत का हिस्सा बताया, जिससे ताइवान में चिंता बढ़ी है।

अमेरिका को मिलेगा बड़ा आर्थिक फायदा-व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस समझौते से अमेरिकी नौकरियों और उद्योगों को मजबूती मिलेगी। चीन ने अमेरिकी कंपनी Boeing के 200 विमान खरीदने को मंजूरी दी है, जिससे अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

कृषि और मीट कारोबार में भी बढ़ेगा सहयोग-चीन ने 2026 से 2028 तक हर साल कम से कम 17 अरब डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने का वादा किया है। इसके अलावा 400 से ज्यादा अमेरिकी बीफ सुविधाओं की मंजूरी को फिर से बहाल किया गया है। पोल्ट्री आयात भी फिर शुरू हो गए हैं, खासकर उन राज्यों से जो Bird Flu से मुक्त हैं।

शी जिनपिंग करेंगे अमेरिका का दौरा-इस साल शरद ऋतु में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का वाशिंगटन में स्वागत करेंगे। दोनों देश G20 और APEC शिखर सम्मेलनों में भी एक-दूसरे का सहयोग करेंगे। इससे दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा और रिश्ते बेहतर होंगे।

 

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