ईद से पहले दिल्ली सरकार का सख्त आदेश

ईद से पहले दिल्ली सरकार का बड़ा अलर्ट: प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर सख्त कार्रवाई-ईद-उल-अजहा से पहले दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि राजधानी में गाय, बछड़ा, ऊंट, भैंस और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पूरी तरह गैरकानूनी है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सीधे आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर लोगों से त्योहार के दौरान सभी नियमों का पालन करने की अपील की है ताकि शांति बनी रहे।
सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी पर पूरी तरह प्रतिबंध-दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि सड़क, गली, मोहल्ला, सार्वजनिक मैदान या किसी भी खुले स्थान पर जानवरों की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई खुले स्थान पर कुर्बानी करता पाया गया तो उसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि ऐसी गतिविधियां कानून-व्यवस्था और स्वच्छता दोनों के लिए नुकसानदायक होती हैं, इसलिए सख्त निगरानी रखी जा रही है।
अवैध पशु बाजारों पर भी कड़ी नजर-सरकार ने अवैध पशु बाजारों और बिना अनुमति के जानवरों की खरीद-बिक्री पर भी सख्त रुख अपनाया है। सड़क, गली या अनधिकृत जगहों पर जानवरों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे अवैध बाजारों से जानवर न खरीदें क्योंकि इनमें प्रतिबंधित जानवरों की सप्लाई हो सकती है।
गंदगी फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई-त्योहार के बाद सफाई व्यवस्था को लेकर भी सरकार ने चेतावनी दी है। कहा गया है कि जानवरों का खून, अवशेष या कचरा नालियों, सीवर या सार्वजनिक स्थानों पर न फेंका जाए। ऐसा करने से गंदगी फैलती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। नगर निगम और सफाई विभागों को त्योहार के दौरान अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नियम तोड़ने वालों की तुरंत करें शिकायत-सरकार ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं नियमों का उल्लंघन होता दिखे तो तुरंत पुलिस या विकास विभाग को सूचित करें। प्रशासन ने कहा है कि हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी। त्योहार के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना सबसे जरूरी है, इसलिए नागरिकों का सहयोग बेहद अहम है।
कपिल मिश्रा ने दी ईद की शुभकामनाएं-दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने सभी को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि त्योहार को भाईचारे और कानून के दायरे में रहकर मनाना चाहिए। सरकार किसी की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ नहीं है, लेकिन कानून का पालन सभी के लिए जरूरी है। प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है।



