बंगाल में अवैध घुसपैठियों पर सख्त हुए सुवेंदु

बंगाल में अवैध घुसपैठ पर सख्ती: सीएम सुवेंदु अधिकारी बोले- पकड़े गए लोगों को सीधे BSF को सौंपेंगे-पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अवैध घुसपैठ और बिना दस्तावेज राज्य में रह रहे लोगों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने साफ कहा कि अब ऐसे लोगों को पहचान कर सीधे बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को सौंपा जाएगा। अधिकारी ने बताया कि उनकी सरकार अब उन नीतियों को सुधारने में लगी है, जो पहले गैरकानूनी और असंवैधानिक तरीके से चल रही थीं।
“जेल में क्यों रखें?” बयान से बढ़ी सियासी बहस-सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अवैध घुसपैठियों को जेल में रखने पर सरकार को उनके खाने-पीने और अन्य सुविधाओं पर खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जनता के पैसे से ऐसे लोगों का खर्च क्यों उठाया जाए। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि बिना दस्तावेज पकड़े गए लोगों को सीधे BSF को सौंपा जाए, जैसा कि कई अन्य राज्यों में होता आ रहा है।
दिल्ली दौरे में पीएम मोदी और राष्ट्रपति से मुलाकात-मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे सुवेंदु अधिकारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट विस्तार और विभागों के बंटवारे पर भी चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि जून तक बंगाल मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।
BSF को दी जाएगी और जमीन-सीएम ने बताया कि सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए BSF को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 27 किलोमीटर जमीन पहले ही सौंप दी गई है और बाकी जल्द दी जाएगी। उन्होंने चिकन नेक कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और वहां के कामों को उनकी सरकार तेजी से पूरा कर रही है।
केंद्र की योजनाएं अब बंगाल में लागू होंगी-सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार के समय कई केंद्रीय योजनाएं बंगाल में सही तरीके से लागू नहीं हो पा रही थीं। अब उनकी सरकार इन्हें तेजी से लागू कर रही है। पूरे देश में BNS लागू हो चुका है, लेकिन बंगाल में यह अभी तक पूरी तरह लागू नहीं था। अब राज्य में केंद्र की सभी योजनाओं और कानूनों को लागू किया जाएगा।
जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत पर खास ध्यान-मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार ने बंगाल को करीब 39 हजार करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई है। इसके अलावा नमामि गंगे परियोजना पर भी केंद्र और राज्य के बीच समझौता हुआ है। आयुष्मान भारत, विश्वकर्मा योजना और उज्ज्वला योजना के हजारों लंबित आवेदन अब तेजी से निपटाए जा रहे हैं।
“सरकार सिर्फ कुर्सी का मजा लेने नहीं आई”- सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार सक्रिय और प्रो-एक्टिव तरीके से काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम सिर्फ सत्ता का आनंद लेने नहीं बल्कि राज्य में बदलाव लाने आई है। लाखों लंबित आवेदन अब प्रोसेस हो रहे हैं और आने वाले महीनों में बंगाल में कई बड़े विकास कार्य नजर आएंगे।



