पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर राहुल गांधी का हमला, बोले- चुनाव में वादे, बाद में जनता की जेब पर वार

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर राहुल गांधी का हमला, बोले- चुनाव में वादे, बाद में जनता की जेब पर वार-देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही आम जनता की जेब पर भारी बोझ डाल दिया जाता है। हाल ही में पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी हुई है, जिससे पिछले दो हफ्तों में कुल बढ़ोतरी करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
राहुल गांधी बोले- धीरे-धीरे जनता की जेब खाली की जा रही-राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार किस्तों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा रही है ताकि लोगों को एक साथ झटका न लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वह कई महीनों से आर्थिक संकट की चेतावनी दे रहे थे, लेकिन सरकार चुनाव प्रचार में व्यस्त रही। चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल करीब 8 रुपये महंगे हो गए। राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि “महंगाई मानव मोदी” का काम चुनाव में वादे करना और बाद में जनता की जेब पर वार करना है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूछा- आखिर फायदा किसे हो रहा?-कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं, जिससे आम लोगों का बजट बिगड़ गया है। खड़गे ने कहा कि ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों पर नहीं, बल्कि पूरे बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस “रोज की लूट” से आखिर फायदा किसे हो रहा है। किसान, छोटे उद्योग और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
UPA और मोदी सरकार के दौर की कीमतों की तुलना-मल्लिकार्जुन खड़गे ने UPA और मौजूदा सरकार के समय के तेल दामों की तुलना की। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी थीं, लेकिन मौजूदा सरकार में ऐसा नहीं हुआ। फिर भी पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ाए गए। 2014 में पेट्रोल की कीमत 71 रुपये थी, जो अब 100 रुपये पार कर गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले 12 वर्षों में तेल से लाखों करोड़ रुपये कमाए हैं।
तेल कंपनियों के शेयर बढ़ने पर भी सवाल-विपक्ष ने तेल कंपनियों के शेयरों में आई तेजी को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद HPCL, BPCL और IOC के शेयरों में तेजी आई है। विपक्ष का आरोप है कि जनता पर बोझ डालकर कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे “प्रॉफिट ओवर पीपल” की राजनीति बताया और कहा कि सरकार को जनता की परेशानियों पर ध्यान देना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने रूस और ईरान के तेल का मुद्दा उठाया-आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि जब रूस और ईरान से सस्ता तेल मिल सकता है, तो भारत उसे खरीदने से क्यों पीछे हट रहा है। केजरीवाल ने कहा कि अगर सस्ता तेल खरीदा जाए तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम हो सकती हैं और लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा।
बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान-पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से सब्जी, राशन और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ रहे हैं। मध्यम वर्ग, किसान और छोटे कारोबारियों पर इसका सबसे ज्यादा असर है। विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, जबकि जनता राहत की उम्मीद लगाए बैठी है। यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।



