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Chhattisgarh

धान घोटाले में बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की हेराफेरी में केंद्र प्रभारी गिरफ्तार

धान घोटाले में बड़ा खुलासा, केंद्र प्रभारी महेंद्र प्रधान गिरफ्तार
किसानों के हक पर बड़ा डाका, आरोपी पहुंचा जेल-नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र में करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने केंद्र प्रभारी महेंद्र प्रधान को गिरफ्तार किया है। उन पर 3,642.72 क्विंटल धान गायब करने और सरकार को करीब 1.13 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। इसमें धान का समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना की राशि भी शामिल है। यह मामला किसानों के हक पर बड़ा हमला# धान घोटाले में बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की हेराफेरी में केंद्र प्रभारी गिरफ्तार

किसानों के हक पर डाका, आरोपी पहुंचा जेल-जिले के नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र में हुए करोड़ों के धान घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्र प्रभारी महेंद्र प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने किसानों के हिस्से का 3,642 क्विंटल से ज्यादा धान गायब कर दिया, जिससे सरकार को करीब 1 करोड़ 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इस रकम में धान का समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना की राशि भी शामिल है।

जांच में खुला 9 हजार से ज्यादा कट्टों का खेल-यह मामला तब सामने आया जब 16 मई 2026 को प्रशासनिक टीम ने नरसैयापल्लम केंद्र का अचानक निरीक्षण किया। भौतिक सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड और गोदाम के स्टॉक में भारी अंतर मिला। जांच में पता चला कि केंद्र से 9,107 कट्टे यानी करीब 3,642 क्विंटल धान गायब था। यह देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए और घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुलने लगीं।

बैंक मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुआ केस-जांच रिपोर्ट आने के बाद 29 मई 2026 को जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक उसत कुमार प्रधान ने थाना बसना में लिखित शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी ताकि दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।

पूछताछ में आरोपी ने कबूला अपना गुनाह-पुलिस ने बसना थाना क्षेत्र के केंद्र प्रभारी महेंद्र प्रधान को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने धान और सरकारी राशि के गबन की बात कबूल कर ली है। प्रशासनिक जांच रिपोर्ट और पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। अब पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।

क्या घोटाले में और भी लोग हैं शामिल?-पुलिस इस मामले को सिर्फ एक व्यक्ति का काम नहीं मान रही है। अधिकारियों को शक है कि इतने बड़े घोटाले के पीछे और भी लोगों का हाथ हो सकता है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि क्या समिति या विभाग के अन्य कर्मचारी भी इस खेल में शामिल थे। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, कई और लोगों के नाम सामने आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

आगे हो सकती हैं और भी गिरफ्तारियां-पुलिस का कहना है कि यह मामला किसानों के हक और सरकारी धन से जुड़ा है, इसलिए जांच पूरी गंभीरता से जारी है। सभी लेनदेन और संबंधित लोगों की भूमिका को बारीकी से परखा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, अगर जांच में किसी अन्य की संलिप्तता पाई जाती है, तो आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस बड़े घोटाले ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।

 

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