666 बोरी धान बीज जब्त, तीन दुकानें सील: कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई

बीज कारोबारियों पर कृषि विभाग का बड़ा एक्शन: 666 बोरी धान बीज जब्त, तीन दुकानें सील
कृषि विभाग ने अवैध बीज कारोबार पर कसा शिकंजा- किसानों को सही और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने देवभोग और मैनपुर विकासखंड में अवैध बीज भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। अचानक छापेमारी में 666 बोरी धान बीज जब्त किए गए और तीन दुकानों को सील कर दिया गया। यह कदम विभाग की किसानों के हित में सख्त नीति का हिस्सा है।
अचानक छापेमारी से बीज कारोबारियों में मचा हड़कंप-उप संचालक कृषि चंदन रॉय के नेतृत्व में सहायक संचालक कृषि और बीज निरीक्षक अनिल कुमार कौशिक की टीम ने बिना पूर्व सूचना के कई बीज विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच में कई जगह नियमों का उल्लंघन पाया गया, जिससे विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। इस कदम ने क्षेत्र के बीज कारोबारियों में खलबली मचा दी।
विकास ट्रेडर्स में मिली गंभीर अनियमितताएं-सीनापाली के मेसर्स विकास ट्रेडर्स में बीज भंडारण के नियमों का उल्लंघन पाया गया। विभाग ने बताया कि बीज को घोषित परिसर के बजाय कहीं और रखा जा रहा था। साथ ही बिना स्रोत प्रमाण पत्र के बीज बेचना, जरूरी दस्तावेज न रखना और मासिक रिपोर्ट न देना जैसी खामियां भी मिलीं, जिन पर विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू की।
तीन अन्य दुकानों में भी नियमों की अनदेखी-मेसर्स शारदा बीज उत्पाद, मेसर्स लच्छु धान बीज एवं मक्का भंडार, और मेसर्स मिश्रा ट्रेडर्स में भी कई नियमों का उल्लंघन हुआ। इनमें मूल्य सूची न लगाना, बिना वैध लाइसेंस के बिक्री करना और बीज अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन शामिल है। विभाग ने सभी अनियमितताओं का रिकॉर्ड बनाया और दस्तावेज जब्त किए।
मौके पर हुई कड़ी कार्रवाई, तीन दुकानें सील-जांच में मिली गड़बड़ियों के बाद विभाग ने तीन दुकानों को तुरंत सील कर दिया। साथ ही इन दुकानों में रखे धान बीज भी जब्त किए गए। विभाग ने साफ कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त नजर रखी जाएगी।
666 बोरी धान बीज की बिक्री पर रोक-कृषि विभाग ने जब्त किए गए 666 बोरी धान बीज की बिक्री पर अगले 10 दिनों तक रोक लगा दी है। विभाग अब इन बीजों और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच करेगा। यदि अनियमितता पाई गई तो कारोबारियों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई हो सकती है।
किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया-कृषि विभाग का कहना है कि किसानों को समय पर अच्छी गुणवत्ता वाले बीज और उर्वरक देना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए बाजार में केवल प्रमाणित और मानक गुणवत्ता वाले उत्पाद ही उपलब्ध हों, इसके लिए लगातार निरीक्षण और निगरानी की जा रही है।
अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदारी करने की सलाह-उप संचालक कृषि ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही बीज और उर्वरक खरीदें। खरीदारी के समय बिल लेना न भूलें ताकि किसी भी समस्या पर अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकें। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।
अधिक कीमत वसूली की शिकायत कहां करें?-अगर कोई व्यापारी तय कीमत से ज्यादा वसूलता है या बिना अनुमति कारोबार करता है तो किसान शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 9977106777, 7987538588 और 9131198044 पर संपर्क किया जा सकता है। विभाग हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा देता है।
खाद और बीज वितरण पर कड़ी नजर रखी जा रही है-विभाग की टीम समय-समय पर बाजार का निरीक्षण करती रहती है ताकि कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर रोक लगाई जा सके। इसका मकसद किसानों तक सही समय पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री पहुंचाना है ताकि खेती में कोई बाधा न आए।



