नक्सली मामलों में फंसे निर्दोष आदिवासियों को रिहा करने की मांग, विधायक विक्रम मंडावी ने CM साय को लिखा पत्र

बीजापुर विधायक ने मुख्यमंत्री से की संवेदनशील अपील-छत्तीसगढ़ के बीजापुर से विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने उन आदिवासियों की रिहाई की मांग की है जो नक्सली मामलों में जेल में बंद हैं, लेकिन जिन्हें वे पूरी तरह से निर्दोष मानते हैं। विधायक का कहना है कि कई गरीब आदिवासी केवल संदेह के आधार पर जेल गए हैं और आज भी न्याय की राह देख रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में संवेदनशीलता दिखाने और जल्द फैसला लेने की अपील की है।
बस्तर के आदिवासियों की न्यायिक स्थिति पर चिंता जताई-अपने पत्र में विक्रम मंडावी ने बताया कि बस्तर संभाग आदिवासी बहुल क्षेत्र है और बीजापुर लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। इस दौरान कई गरीब और निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों को नक्सली मामलों में फंसाकर जेल भेजा गया। कई लोग सालों से जेल में हैं, जबकि उनके खिलाफ मामलों की सही सुनवाई भी नहीं हुई। विधायक ने कहा कि ऐसे लोगों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है और इस दिशा में कदम उठाना जरूरी है।
गरीबी और अशिक्षा से न्याय पाने में आ रही बड़ी दिक्कतें-विधायक ने कहा कि बस्तर के कई आदिवासी परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और पढ़ाई-लिखाई भी कम है। इसी वजह से वे अदालत में अपनी बात मजबूती से नहीं रख पाते। कई परिवार अच्छे वकील तक नहीं रख पाते, जिससे निर्दोष लोग लंबे समय तक जेल में रह जाते हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऐसे हालात में खुद पहल कर निर्दोषों को जल्द न्याय दिलाने का काम किया जाए।
नक्सलियों को मिली राहत, तो निर्दोषों को भी मिले न्याय-विक्रम मंडावी ने यह भी कहा कि अब बस्तर पहले की तुलना में काफी हद तक नक्सल मुक्त हो चुका है। सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजना के तहत राहत दी है और उन्हें नई जिंदगी शुरू करने का मौका मिला है। ऐसे में जो निर्दोष आदिवासी नक्सली मामलों में जेल में हैं, उनके मामलों की भी समीक्षा होनी चाहिए। विधायक ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि ऐसे लोगों को माफी देकर जल्द रिहा किया जाए ताकि वे अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जी सकें।




