हनुमानगढ़ी में नमाज विवाद फिर गरमाया, योगी ने सपा-कांग्रेस से मांगी माफी और लगाए गंभीर आरोप

हनुमानगढ़ी विवाद पर योगी आदित्यनाथ का बड़ा हमला-उत्तर प्रदेश की राजनीति में हनुमानगढ़ी और अयोध्या का मुद्दा फिर से गरमाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासनकाल में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ने की कोशिश हुई थी। उन्होंने इसे हिंदू आस्था का अपमान बताया और दोनों दलों से सार्वजनिक माफी की मांग की। योगी ने कहा कि जो आज धर्म की बात करते हैं, उन्हें पहले अपने पुराने फैसलों का जवाब देना चाहिए। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
विकास परियोजनाओं के मंच से विपक्ष पर निशाना-अयोध्या के बीकापुर में 432 करोड़ रुपये से ज्यादा की 217 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण के दौरान योगी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस ने हमेशा अयोध्या के विकास में बाधा डाली। उनका आरोप था कि इन दलों ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान नहीं किया। योगी ने कहा कि आज वही लोग आस्था की राजनीति कर रहे हैं, जबकि उनके शासनकाल के फैसले कुछ और ही दिखाते हैं। उन्होंने लोगों से इतिहास याद रखने की अपील की।
हनुमानगढ़ी में नमाज का मामला क्या था?-योगी ने 2003 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त हनुमानगढ़ी के बाहर नमाज पढ़ने की कोशिश हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई सरकार मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा सकती है? अगर नहीं, तो फिर हनुमानगढ़ी जैसी पवित्र जगह पर नमाज क्यों पढ़ने दी गई? योगी ने इसे धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन बताया और कहा कि जिम्मेदारों को जनता के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने इसे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया।
पूर्व डीजीपी बृजलाल ने भी घटना की पुष्टि की-योगी के बयान के बाद भाजपा सांसद और पूर्व डीजीपी बृजलाल ने भी इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि नवंबर 2003 में रमजान के दौरान हनुमानगढ़ी के बाहर नमाज अदा करने की योजना बनी थी। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजीव सभरवाल ने इसका विरोध किया और मंदिर परिसर में अनुमति नहीं दी। बाद में नमाज महंत के निवास के पास अदा की गई। बृजलाल ने कहा कि पुलिस की सख्ती ने हालात बिगड़ने से बचा लिया।
राम मंदिर और अयोध्या के विकास का जिक्र-योगी ने राम मंदिर निर्माण और अयोध्या के विकास को भाजपा सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, आज वही लोग राजनीति कर रहे हैं। डबल इंजन सरकार बनने के बाद अयोध्या की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब यहां आधुनिक सड़कें, रेलवे स्टेशन, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बेहतर घाट और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं हैं। लाखों श्रद्धालु अयोध्या आ रहे हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
राम मंदिर विवाद और विपक्ष पर फिर निशाना-योगी ने कहा कि विपक्ष लगातार राम मंदिर और अयोध्या को लेकर राजनीति करता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मंदिर निर्माण में बाधाएं डाली गईं और अब जब अयोध्या दुनिया के प्रमुख धार्मिक शहरों में शामिल हो रही है, तो विपक्ष इसे स्वीकार नहीं कर पा रहा। योगी ने कहा कि जिन्होंने कभी रामभक्तों पर गोलियां चलाईं और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, उन्हें जनता सबक सिखा रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का विकास करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान है।
बस्ती में भी दोहराई माफी की मांग-अयोध्या के बाद योगी ने बस्ती में भी कहा कि सपा को हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने, रामभक्तों पर गोली चलाने और हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और इतिहास नहीं भूला जा सकता। योगी ने दावा किया कि भाजपा ने अयोध्या को नई पहचान दी है और धार्मिक स्थलों के विकास और संरक्षण के लिए काम करती रहेगी।



