
ममता बनर्जी के घर के बाहर भारी पुलिस तैनाती, हाउस अरेस्ट का आरोप और सियासी विवाद
ममता बनर्जी ने लगाया हाउस अरेस्ट का आरोप, घर के बाहर पुलिस बल तैनात-पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात हैं। ममता ने इस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे उन्हें घर में ही रोक दिया गया हो। उन्होंने प्रशासन से इस बारे में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। इस आरोप के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यह सुरक्षा व्यवस्था ममता को बारुईपुर जाने से रोकने के लिए की गई है, जबकि बीजेपी इसे सामान्य सुरक्षा व्यवस्था बता रही है।
TMC का आरोप: बारुईपुर जाने से रोकने के लिए बढ़ाई गई सुरक्षा-TMC नेताओं का दावा है कि ममता बनर्जी बारुईपुर जाकर एक 11 वर्षीय बच्ची के परिवार से मिलने वाली थीं, जिसकी हत्या के बाद यह सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। पार्टी का आरोप है कि यह कदम विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है। टीएमसी का कहना है कि रविवार रात से इलाके में पुलिस और केंद्रीय बलों की संख्या बढ़ा दी गई थी ताकि ममता का बारुईपुर जाना रोका जा सके। वे इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
डेरिक ओ’ब्रायन और कुणाल घोष ने भी उठाए सवाल-टीएमसी के वरिष्ठ नेता डेरिक ओ’ब्रायन और कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर इस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस तरह की भारी तैनाती से विपक्षी नेताओं की आवाजाही पर रोक लगाई जा रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया और कहा कि लोकतंत्र में किसी नेता की आवाजाही को इस तरह प्रभावित करना गलत है। उनके बयानों ने इस मामले को और तूल दिया है।
बीजेपी ने आरोपों को किया खारिज, कहा- यह सामान्य सुरक्षा है-बीजेपी ने टीएमसी के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पार्टी के नेता दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी को पहले से जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है, इसलिए उनके घर के बाहर सुरक्षा बलों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं बताई और कहा कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। उनका कहना है कि ममता को सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है, इसलिए यह व्यवस्था जरूरी है।
बारुईपुर की घटना के बाद इलाके में तनाव, पुलिस जांच जारी-यह विवाद बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची की कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद शुरू हुआ। बच्ची का शव एक बोरे में मिलने के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और सड़क जाम, टायर जलाने जैसे प्रदर्शन किए। भीड़ ने एक आरोपी की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को भी गर्मा दिया है।



