Google Analytics Meta Pixel
International
Trending

न्यूजीलैंड में पीएम मोदी से जुड़ा सवाल बना चर्चा का विषय, प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने पर अधिकारी ने दिया जवाब

ऑकलैंड में पत्रकार के सवाल ने खींचा सबका ध्यान-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं, जहां करीब 40 साल बाद कोई भारतीय पीएम आधिकारिक यात्रा पर आया है। इस दौरान कई अहम कार्यक्रम हुए, लेकिन ऑकलैंड में एक प्रेस कार्यक्रम के दौरान एक स्थानीय पत्रकार ने सीधे सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते। यह सवाल सुनते ही वहां मौजूद सभी की नजरें उसी ओर टिक गईं और कुछ देर के लिए यह चर्चा का मुख्य विषय बन गया। यह पहला मौका नहीं था जब विदेश में मोदी से ऐसा सवाल पूछा गया हो।

विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने दिया संयमित जवाब-इस सवाल का जवाब विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी रुद्रेंद्र टंडन ने दिया। उन्होंने कहा कि एक सरकारी अधिकारी के तौर पर किसी नेता की राजनीतिक शैली पर टिप्पणी करना उनका काम नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत जैसे लोकतंत्र में नेता की सबसे बड़ी ताकत जनता से सीधा संवाद होता है। प्रधानमंत्री मोदी ने बिना किसी मध्यस्थ के सीधे लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का तरीका अपनाया है, जो उनकी राजनीतिक शैली का हिस्सा है। लगातार चुनाव जीतना इस बात का सबूत है कि जनता ने इसे स्वीकार किया है।

पहले भी विदेश दौरे पर उठ चुका है ऐसा सवाल-यह पहला मौका नहीं है जब विदेश दौरे के दौरान पीएम मोदी से प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर सवाल पूछा गया हो। इसी साल मई में नॉर्वे के ओस्लो में भी एक पत्रकार ने उनसे पूछा था कि वे मीडिया के सवालों का सामना करने के लिए खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते। उस समय प्रधानमंत्री ने बिना जवाब दिए आगे बढ़ना बेहतर समझा। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर इस मुद्दे पर काफी चर्चा हुई। न्यूजीलैंड में फिर से यह सवाल उठने से यह विषय फिर से चर्चा में आ गया है।

अंतरराष्ट्रीय दौरों में मीडिया के सवालों का संतुलित जवाब देना जरूरी-आज के दौर में विदेश यात्राओं में सिर्फ कूटनीतिक बैठकों और समझौतों पर ध्यान नहीं देना होता, बल्कि मीडिया के अचानक उठने वाले सवालों का भी सही जवाब देना पड़ता है। न्यूजीलैंड में जो घटना हुई, वह इसी का उदाहरण है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को ऐसे मौके पर बहुत सावधानी से जवाब देना होता है ताकि कोई विवाद न बढ़े। इस बार भी अधिकारी ने राजनीतिक टिप्पणी से बचते हुए सवाल का संतुलित जवाब दिया। अब ऐसे हालात विदेशी दौरों का आम हिस्सा बनते जा रहे हैं।

भारत-न्यूजीलैंड रिश्ते मजबूत, भव्य स्वागत के बीच बढ़ रही दोस्ती-इन चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री मोदी का न्यूजीलैंड में भव्य स्वागत भी हुआ। ऑकलैंड का 328 मीटर ऊंचा स्काई टॉवर भारतीय तिरंगे के रंगों से सजाया गया, जो इस ऐतिहासिक दौरे का प्रतीक बना। प्रवासी भारतीयों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए मोदी का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया। यह दौरा सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास है। मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के पीएम की भारत यात्रा और मुक्त व्यापार समझौते के बाद यह कदम रिश्तों को और मजबूत करेगा।

 

 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button