US-ईरान तनाव फिर बढ़ा, ट्रंप का बड़ा दावा- ‘ईरान की हिट लिस्ट में मेरा नाम सबसे ऊपर’, युद्ध का खतरा बढ़ा

नाटो सम्मेलन के बीच ट्रंप ने ईरान पर लगाए गंभीर आरोप-तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने की साजिश रच रहा है। ट्रंप ने मीडिया और सोशल मीडिया पर बताया कि उनका नाम ईरान की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर है और ईरान उन्हें खत्म करना चाहता है। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
‘मेरे नाम की लिस्ट तैयार है’, ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर किया हमला-पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान का रवैया दशकों से आक्रामक रहा है। खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक ईरान अमेरिका के भीतर अस्थिरता फैलाने और शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरानी नेता पर्दे के पीछे अलग रणनीति पर काम करते हैं जबकि सामने कुछ और दिखाते हैं। ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा और किसी भी खतरे का कड़ा जवाब देगा।
सीजफायर खत्म, अमेरिका ने तेज किए सैन्य हमले-ट्रंप का बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीने हुआ अंतरिम सीजफायर खत्म माना जा रहा है। ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में ड्रोन ठिकाने, मिसाइल डिपो, रडार सिस्टम और तटीय सैन्य सुविधाएं निशाना बनीं। ईरानी मीडिया ने भी अपने सैनिकों के मारे जाने की खबर दी है।
ट्रंप को पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां, कई साजिशें हो चुकी हैं उजागर-यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ईरान पर अपनी सुरक्षा को लेकर आरोप लगाए हों। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां पहले भी कई साजिशों का खुलासा कर चुकी हैं, जिनमें ट्रंप को निशाना बनाने की योजनाएं शामिल थीं। इस साल एक पाकिस्तानी मूल के संदिग्ध पर अमेरिका में राजनीतिक हत्या की साजिश का आरोप भी लगा। ईरान के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के बाद भी ट्रंप के खिलाफ बदले की बातें सामने आईं। इन सब कारणों से दोनों देशों के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
क्या पश्चिम एशिया फिर बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहा है?-बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान अपनी गतिविधियां नहीं रोकेगा तो अमेरिका सख्त कदम उठा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर ईरान के महत्वपूर्ण नागरिक ढांचे, बिजली व्यवस्था और समुद्री गतिविधियों को निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि ट्रंप ने कहा कि अमेरिका लंबा युद्ध नहीं चाहता और उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य होंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बयान और सैन्य कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि आगे हालात बातचीत की ओर जाएंगे या टकराव और गहरा होगा।



