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पहल्गाम हमले पर बोले अखिलेश यादव: ऑपरेशन सिंदूर सरकार की खुफिया नाकामी का प्रतीक

 ऑपरेशन सिंदूर: क्या सरकार की खुफिया एजेंसियाँ नाकाम रहीं?-यह लेख लोकसभा में उठे उन गंभीर सवालों पर केंद्रित है जो समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उठाए थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह अभियान सरकार की खुफिया एजेंसियों की नाकामी को दर्शाता है?

 पहलगाम हमला और सीजफायर: क्या हुआ था?-अखिलेश यादव ने पहलगाम हमले के बाद शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष अचानक क्यों खत्म कर दिया गया और सीजफायर किसके दबाव में हुआ? क्या इस मामले में सरकार की कोई चूक हुई है? क्या यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में था या नहीं, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सीमा पर तनाव बना रहना देश की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।

 कमज़ोर विदेश नीति और बढ़ता चीनी खतरा-यादव ने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति काफी कमज़ोर हो गई है। उन्होंने चीन को ‘राक्षस’ बताते हुए कहा कि वह भारत की जमीन और बाज़ार दोनों पर कब्ज़ा कर रहा है। यह एक गंभीर आरोप है जिस पर सरकार को जवाब देना होगा। चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए भारत को अपनी विदेश नीति में बदलाव करने की ज़रूरत है। इसमें क्षेत्रीय सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय दबाव दोनों शामिल हो सकते हैं।

पहलगाम हमले की रोकथाम में चूक?-अखिलेश यादव ने पहलगाम हमले को रोकने में हुई चूक पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह त्रासदी कभी नहीं होनी चाहिए थी। इसका मतलब है कि सुरक्षा व्यवस्था में कमियाँ हैं जिन्हें दूर करने की ज़रूरत है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। इसमें खुफिया जानकारी की बेहतर निगरानी और सुरक्षा बलों की क्षमता में सुधार शामिल हो सकता है।

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