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अमेरिका की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान समर्थित TRF को आतंकी संगठन घोषित, Pahalgam हमले से जुड़ा मामला

अमेरिका ने TRF को घोषित किया आतंकी संगठन-यह खबर इन दिनों काफी चर्चा में है कि अमेरिका ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन, द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) को आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है।

पहलगाम हमला: एक वजह-जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद यह फैसला लिया गया है, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। हालाँकि, TRF ने शुरू में हमले की ज़िम्मेदारी ली थी, लेकिन बाद में उन्होंने इससे इनकार कर दिया। अमेरिका ने TRF को Foreign Terrorist Organisation (FTO) और Specially Designated Global Terrorist (SDGT) घोषित करके यह साफ कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ सख्त है।

 TRF: लश्कर-ए-तैयबा का हिस्सा-अब TRF को आधिकारिक तौर पर लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन माना जा रहा है। अमेरिका के कानूनों के तहत, TRF को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया गया है, जिससे लश्कर-ए-तैयबा की आतंकवादी पहचान को और मज़बूत किया गया है।

 अमेरिका का संदेश: इंसाफ मिलेगा-अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है कि TRF के खिलाफ यह कदम अमेरिका की आतंकवाद विरोधी नीति को मज़बूत करता है। यह पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के लिए इंसाफ दिलाने की दिशा में एक कदम है।

पहलगाम हमला: एक बड़ा आतंकी हमला-पहलगाम का हमला 2008 के मुंबई हमले के बाद भारत में सबसे बड़ा आतंकवादी हमला माना जाता है। TRF ने पहले भी कई बार भारतीय सुरक्षा बलों पर हमले किए हैं, जिससे भारत और अमेरिका दोनों के लिए सुरक्षा चिंता बढ़ गई है।

 भारत का जवाब: ऑपरेशन सिंदूर-भारत ने इस हमले का जवाब ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए दिया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई एक साफ संदेश है कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।

 भारत की कूटनीति: पाकिस्तान बेनकाब-भारत ने कई देशों के साथ मिलकर पाकिस्तान के आतंकवाद से संबंधों को उजागर किया है। TRF पर अमेरिका की कार्रवाई इसी कूटनीतिक प्रयास का नतीजा है।

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