ग्वालियर में एक और बड़ी कार्रवाई: 11 अस्पतालों और नर्सिंग होम्स के पंजीयन रद्द, मरीजों की सुरक्षा पर उठे सवाल

ग्वालियर में लापरवाह अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई!- ग्वालियर के कई अस्पतालों की लापरवाही अब छिप नहीं पाई है! आग से सुरक्षा के नियमों की अनदेखी करने पर सीएमएचओ ने सख्त कार्रवाई की है। कई अस्पतालों का लाइसेंस ही रद्द कर दिया गया है। आइये जानते हैं पूरी खबर…
आग से सुरक्षा: जान है तो जहान है!- हर अस्पताल के लिए आग से सुरक्षा का प्रमाणपत्र (NOC) बहुत ज़रूरी है। ये प्रमाणित करता है कि आग लगने पर मरीज़ सुरक्षित बाहर निकल सकेंगे। लेकिन, कई अस्पतालों ने ये प्रमाणपत्र नहीं बनवाया था, जिससे मरीज़ों की जान खतरे में थी। इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
किन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई?- ग्वालियर में 11 अस्पतालों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। इनमें शामिल हैं: ए.डी.एस. नर्सिंग होम, आयुष हॉस्पिटल, चरक मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, एम.एल.बी. हॉस्पिटल, पी.एस. हॉस्पिटल, रबींद्र मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, आयुष ट्रॉमा सेंटर, जहान्वी हॉस्पिटल, न्यू ग्लोबल हॉस्पिटल, न्यू पल्स मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और समर्थ अशोक हॉस्पिटल। ये सभी अस्पताल अलग-अलग इलाकों में स्थित हैं।
मरीज़ों की सुरक्षा: सबसे बड़ी प्राथमिकता!- सीएमएचओ ने साफ़ कर दिया है कि अस्पतालों को सिर्फ़ सुविधाएँ ही नहीं, मरीज़ों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी। जो अस्पताल सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। मरीज़ों की जान सबसे ज़्यादा कीमती है, और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।



