Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश में पुलिस पर हमले और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध – विधानसभा में पेश हुए चौंकाने वाले आंकड़े

 मध्य प्रदेश: पुलिस पर हमले और महिला सुरक्षा – एक चिंताजनक तस्वीर-मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों पर हो रहे हमले और बढ़ते अपराध, खासकर महिलाओं के खिलाफ, एक गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। हाल के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं और राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हैं।

 पुलिस पर हमले: बढ़ता खतरा-जनवरी 2024 से जून 2025 के बीच, 612 पुलिसकर्मियों पर हमले हुए, जिनमें से 461 पर एफआईआर दर्ज की गई। और सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस दौरान 5 पुलिसकर्मियों की जान भी चली गई। यह साफ दर्शाता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं और पुलिस की सुरक्षा कितनी कमजोर है। बड़े शहरों जैसे भोपाल और इंदौर में यह समस्या और भी गंभीर है।

 महिला सुरक्षा: एक गंभीर चुनौती-महिलाओं के खिलाफ अपराध, खासकर भोपाल और इंदौर में, तेजी से बढ़ रहे हैं। भोपाल महिलाओं के खिलाफ अपराधों में सबसे आगे है, जबकि इंदौर में हत्या और चोरी के मामले भोपाल से लगभग दोगुने हैं। पिछले 6 सालों में 54,000 से ज़्यादा महिलाओं के साथ रेप के मामले सामने आए हैं, जो बेहद ही चिंताजनक है। इससे ज़्यादा चिंताजनक यह है कि इनमें से बहुत कम मामलों में ही अपराधियों को सज़ा मिल पाती है।

 न्याय व्यवस्था: एक कमज़ोर कड़ी-2018 से 2024 के बीच दर्ज 54,000 रेप के मामलों में सज़ा पाने वालों की दर लगातार गिरती जा रही है। 2018 में यह दर लगभग 12% थी, जो 2024 में घटकर मात्र 2.7% रह गई। यह न्याय व्यवस्था की कमज़ोरी को दर्शाता है और पीड़ितों में निराशा पैदा करता है। जब अपराधियों को सज़ा नहीं मिलती, तो उनका मनोबल बढ़ता है और अपराध और भी बढ़ते हैं। इसलिए, सरकार और प्रशासन को कानून-व्यवस्था को मज़बूत करने और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button