Madhya Pradesh

भावांतर योजना से किसानों को बड़ी राहत: सोयाबीन के मॉडल रेट में 438 रुपये की बढ़ोतरी

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: सोयाबीन किसानों के लिए बढ़ाई गई भावांतर योजना की राशि-मध्य प्रदेश सरकार ने सोयाबीन किसानों के लिए एक राहत भरा कदम उठाया है। भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का नया मॉडल रेट 4458 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले तीन महीनों में 438 रुपये बढ़ा है। इससे किसानों की आमदनी में सीधे फायदा होगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

तीन महीनों में सोयाबीन मॉडल रेट में लगातार बढ़ोतरी-7 नवंबर को सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 4020 रुपये प्रति क्विंटल था। इसके बाद हर दिन इस रेट में बदलाव होता रहा। 8 नवंबर को यह बढ़कर 4033, 9-10 नवंबर को 4036 रुपये तक पहुंचा। नवंबर के अंत तक यह रेट 4237 रुपये तक पहुंच गया, जो किसानों के लिए अच्छी खबर है।

रोजाना जारी हो रहा है सोयाबीन का मॉडल रेट-सरकार रोजाना भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट जारी कर रही है। 11 नवंबर को यह 4056, 12 नवंबर को 4077 और 13 नवंबर को 4130 रुपये था। इसके बाद 14 और 15 नवंबर को क्रमशः 4184 और 4225 रुपये तय किए गए, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिलती रही।

नवंबर के दूसरे हफ्ते में कीमतों का हाल-16 नवंबर को मॉडल रेट 4234 रुपये था, जो 17 नवंबर को 4236 और 18 नवंबर को 4255 रुपये तक पहुंच गया। 19 से 21 नवंबर के बीच यह 4263 से 4271 रुपये के बीच रहा। इस दौरान बाजार में हल्का उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला।

महीने के आखिरी दिनों में कीमतों में हल्की गिरावट-22 नवंबर को मॉडल रेट 4285 रुपये था, लेकिन 23 और 24 नवंबर को यह 4282 रुपये पर आ गया। 25 से 28 नवंबर के बीच कीमतें 4277 से 4260 रुपये के बीच रही। 29 और 30 नवंबर को यह क्रमशः 4240 और 4237 रुपये पर बंद हुआ, जो थोड़ा नीचे था।

किसानों को अब तक 1292 करोड़ रुपये का भुगतान-
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भावांतर योजना के तहत अब तक किसानों को 1292 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। यह योजना किसानों की आय को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभा रही है और लगातार भुगतान से किसानों का इस योजना पर भरोसा बढ़ा है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य की पूरी गारंटी-मध्य प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा। अगर बाजार भाव इससे कम होता है, तो सरकार भावांतर योजना के जरिए अंतर की राशि किसानों को देगी, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा बनी रहेगी।

15 दिन में सीधे खाते में पहुंचेगी राशि-
सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि भावांतर योजना के तहत मिलने वाली राशि विक्रय की तारीख से 15 दिन के अंदर सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। 4 जनवरी को जारी मॉडल रेट 4459 रुपये प्रति क्विंटल अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।

 

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