भारत-अमेरिका के बीच बड़ी ट्रेड डील: टैरिफ घटे, 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुलेगा

भारत-अमेरिका ने किया अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति: व्यापार को मिलेगी नई गति-भारत और अमेरिका ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति जताई है। इस समझौते के तहत दोनों देश कई उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी। यह कदम वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अमेरिकी टैरिफ में बड़ी कटौती: 50% से घटकर 18% हुआ शुल्क-अमेरिका ने भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ में बड़ी राहत दी है। पिछले साल अगस्त में रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया था, जिसे अब हटाने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही अमेरिकी शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे खासकर एमएसएमई, किसान और मछुआरे जैसे भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा।
भारत भी घटाएगा अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क-संयुक्त बयान के अनुसार, भारत भी अमेरिका के कई औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम या खत्म करेगा। इसमें सूखे अनाज, रेड सोरघम, ड्राई फ्रूट्स, फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स जैसे उत्पाद शामिल हैं। दोनों देश जल्द ही इस अंतरिम समझौते को लागू करेंगे और भविष्य में व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर काम करेंगे।
निर्यात सेक्टर को मिलेगा बड़ा फायदा-टैरिफ में कटौती से टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, प्लास्टिक, ऑर्गेनिक केमिकल, होम डेकोर और मशीनरी जैसे श्रम आधारित सेक्टर को फायदा होगा। इस समझौते के सफल होने पर जेनेरिक दवाइयां, जेम्स एंड ज्वेलरी और विमान पार्ट्स जैसे उत्पादों पर भी टैरिफ शून्य तक लाया जा सकता है। इससे “मेक इन इंडिया” अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
गैर-टैरिफ बाधाओं को भी दूर किया जाएगा-दोनों देशों ने व्यापार में आ रही गैर-टैरिफ बाधाओं को खत्म करने पर भी सहमति जताई है। भारत ने अमेरिकी मेडिकल डिवाइस और कृषि उत्पादों से जुड़े पुराने मुद्दों का समाधान करने का भरोसा दिया है। साथ ही सूचना और संचार तकनीक से जुड़े उत्पादों पर लाइसेंसिंग प्रक्रिया को आसान बनाने की बात भी कही गई है।
ऊर्जा और तकनीक में बढ़ेगा सहयोग-भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान, कीमती धातुएं और तकनीकी सामान खरीदने की योजना बना रहा है। दोनों देश डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स समेत टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स के व्यापार को भी बढ़ाएंगे। रक्षा सहयोग को अगले दस वर्षों तक विस्तार देने पर भी सहमति बनी है।
फरवरी से लागू होगी राहत, मार्च में होगा कानूनी समझौता-व्हाइट हाउस के आदेश के मुताबिक, 7 फरवरी 2026 से भारत से आयातित उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ नहीं लगेगा। यह अंतरिम ढांचा जल्द ही कानूनी समझौते में बदला जाएगा, जिस पर मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसके बाद शुल्क में दी गई राहत औपचारिक रूप से लागू हो जाएगी।
भारत-अमेरिका व्यापार का बढ़ता हुआ दायरा-2021 से 2025 के बीच अमेरिका भारत का सबसे- बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है। 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 186 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस दौरान भारत को 41 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष मिला। यह नया समझौता आने वाले वर्षों में इस साझेदारी को और मजबूत करेगा और दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
इस समझौते से न केवल दोनों देशों के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भी भारत-अमेरिका के मजबूत सहयोग का प्रतीक बनेगा। यह कदम दोनों देशों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा और आर्थिक विकास को गति देगा।



