BMC चुनाव से पहले महायुति में सीटों का गणित तेज, BJP-शिवसेना में बनी सहमति, NCP अभी दूर

BMC चुनाव 2025: महायुति गठबंधन की सीटों पर पेंच, NCP से दूरी जारी- मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है। महायुति-NDA गठबंधन ने 150 सीटों पर सहमति बना ली है, लेकिन बाकी 77 सीटों को लेकर अभी बातचीत जारी है। वहीं, NCP को फिलहाल इस समीकरण से बाहर रखा गया है, खासकर नवाब मलिक के विवादित मामलों के कारण। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे इस चुनावी पेंच को और इसके राजनीतिक मायने।
BMC चुनाव की महत्ता और सीटों का बंटवारा- मुंबई महानगरपालिका देश की सबसे बड़ी नगरपालिकाओं में से एक है, जिसमें कुल 227 सीटें हैं। ये सीटें 24 प्रशासनिक वार्डों में बंटी हुई हैं। सभी राजनीतिक दल इस चुनाव में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। महायुति गठबंधन का दावा है कि वह सभी 227 सीटों पर चुनाव लड़ेगा और मजबूत प्रदर्शन करेगा। इस चुनाव का परिणाम मुंबई की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।
बीजेपी-शिंदे गुट के बीच 150 सीटों पर सहमति- बीजेपी ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ करीब 150 सीटों पर आपसी समझ बना ली है। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमीत साटम और उद्योग मंत्री उदय सामंत के बीच हुई बैठक में यह सहमति बनी। बाकी 77 सीटों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच अंतिम चर्चा होने वाली है। रामदास आठवले की RPI (A) को भी सीट बंटवारे में शामिल किया जाएगा।
NCP से दूरी की वजह: नवाब मलिक का विवाद- NCP को फिलहाल महायुति गठबंधन में शामिल नहीं किया गया है। इसका मुख्य कारण नवाब मलिक को मुंबई चुनाव समन्वय समिति की जिम्मेदारी देना बताया जा रहा है। नवाब मलिक पर दाऊद इब्राहिम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप हैं और वे प्रवर्तन निदेशालय की जांच के तहत हैं। बीजेपी ने साफ कर दिया है कि जब तक नवाब मलिक चुनाव प्रबंधन संभाल रहे हैं, तब तक गठबंधन की कोई बातचीत नहीं होगी।
NCP के विकल्प और सियासी तस्वीर- NCP के सामने दो विकल्प हैं: या तो वह अकेले 227 सीटों पर चुनाव लड़े या महायुति सहयोगियों के साथ गठबंधन की संभावना तलाशे। नवाब मलिक की बेटी और NCP विधायक सना मलिक ने कहा है कि इस पर अंतिम फैसला अजित पवार ही लेंगे। फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
भविष्य की राजनीति पर नजर- BMC चुनाव से पहले गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर जो पेंच फंसा है, वह आने वाले दिनों में सुलझेगा। बीजेपी-शिंदे की जोड़ी मजबूत नजर आ रही है, लेकिन NCP का रुख अभी साफ नहीं है। मुंबई की राजनीति किस दिशा में जाएगी, यह चुनाव के नतीजों पर निर्भर करेगा। इस चुनाव का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर भी गहरा होगा।
इस प्रकार, BMC चुनाव 2025 महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। गठबंधन की रणनीतियां, सीट बंटवारा और पार्टियों के बीच तालमेल इस चुनाव की सफलता या असफलता तय करेंगे। जनता की नजरें इस चुनाव पर टिकी हैं, जो मुंबई के भविष्य का रास्ता तय करेगा।



