क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी लाएगी IPO: 5,200 करोड़ जुटाने की तैयारी, जानें पूरी डिटेल

क्लीनमैक्स का बड़ा दांव: ग्रीन एनर्जी में 5200 करोड़ का IPO, जानिए पूरी कहानी!-भारत में हरियाली की ओर बढ़ता कदम, यानी ग्रीन एनर्जी का कारोबार, आजकल ज़ोरों पर है। इसी कड़ी में, क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस नाम की कंपनी अब शेयर बाज़ार में कदम रखने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने सेबी (SEBI) के पास अपने कागज़ात जमा कर दिए हैं, जिसका मतलब है कि वे जल्द ही अपना पहला आईपीओ (Initial Public Offering) लेकर आ रहे हैं। इस आईपीओ से कंपनी करीब 5,200 करोड़ रुपये जुटाने का इरादा रखती है। आइए, इस बड़े ऑफर की हर छोटी-बड़ी बात को आसान भाषा में समझते हैं और जानते हैं कि क्लीनमैक्स आखिर करती क्या है।
IPO से मिलेंगे 5200 करोड़ रुपये, जानिए कैसे?-क्लीनमैक्स का यह आईपीओ दो मुख्य हिस्सों में बंटा हुआ है। पहला हिस्सा है ‘फ्रेश इश्यू’, जिससे कंपनी 1,500 करोड़ रुपये जुटाएगी। यह पैसा कंपनी सीधे अपने बिजनेस में लगाएगी। दूसरा हिस्सा है ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS), जिससे 3,700 करोड़ रुपये आएंगे। इस हिस्से में कंपनी के मौजूदा प्रमोटर और कुछ बड़े निवेशक अपने कुछ शेयर बेचेंगे। इन निवेशकों में कंपनी के फाउंडर कुलदीप प्रताप जैन के साथ-साथ BGTF One Holdings, KEMPINC LLP, Augment India I Holdings और DSDG Holdings APS जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी ने यह भी साफ कर दिया है कि फ्रेश इश्यू से जुटाए गए 1,125 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वे अपना पुराना कर्ज़ चुकाने में करेंगे। बाकी बची हुई रकम को कंपनी अपने रोज़मर्रा के ज़रूरी कामों और विस्तार के लिए इस्तेमाल करेगी। साथ ही, एक और अच्छी बात यह है कि कंपनी 300 करोड़ रुपये तक का ‘प्री-आईपीओ प्लेसमेंट’ भी कर सकती है, जिससे फ्रेश इश्यू का साइज़ थोड़ा कम हो सकता है।
क्लीनमैक्स का बिजनेस: ग्रीन एनर्जी का महारथी-साल 2010 में शुरू हुई क्लीनमैक्स आज के समय में बड़े और छोटे उद्योगों (Commercial and Industrial Customers) के लिए एक भरोसेमंद नाम बन गई है। यह कंपनी उद्योगों को नेट-ज़ीरो और डिकार्बोनाइजेशन (यानी कार्बन उत्सर्जन कम करने) के समाधान देती है। सीधे शब्दों में कहें तो, क्लीनमैक्स उद्योगों के लिए हवा, पानी और सूरज की रोशनी से बिजली बनाने के प्रोजेक्ट्स (जैसे विंड, सोलर और हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट्स) लगाती है और उन्हें बिजली मुहैया कराती है। इतना ही नहीं, यह कंपनी ‘कार्बन क्रेडिट’ के ज़रिए भी उद्योगों की मदद करती है, ताकि वे अपने पर्यावरण पर पड़ने वाले बुरे असर को कम कर सकें। 31 जुलाई 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के पास 2.54 गीगावॉट की चालू बिजली उत्पादन क्षमता है और 2.53 गीगावॉट की क्षमता पर काम चल रहा है। इसके अलावा, 5.07 गीगावॉट की क्षमता वाले प्रोजेक्ट्स अभी डेवलपमेंट के शुरुआती दौर में हैं। यह दिखाता है कि कंपनी भविष्य में और भी तेज़ी से तरक्की करने के लिए तैयार है।
किन-किन इंडस्ट्रीज को मिलती है क्लीनमैक्स से ग्रीन एनर्जी?-क्लीनमैक्स के ग्राहकों की लिस्ट काफी प्रभावशाली है। इसमें बड़ी-बड़ी डेटा सेंटर्स, AI और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियां, सीमेंट, स्टील, FMCG (रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें बनाने वाली कंपनियां), फार्मा (दवा कंपनियां), रियल एस्टेट और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स जैसी कई बड़ी इंडस्ट्रीज शामिल हैं। कंपनी अपने ग्राहकों को दो तरह की सेवाएं देती है: एक तो उनके अपने प्लांट या फैक्ट्री में सोलर पैनल लगाना (ऑनसाइट इंस्टॉलेशन) और दूसरी, कंपनी के बाहर से बिजली खरीदकर देना (ऑफसाइट पावर परचेज एग्रीमेंट्स या PPA)। क्लीनमैक्स का दावा है कि उन्होंने भारत के 21 राज्यों में अपने ऑनसाइट सोलर प्रोजेक्ट्स लगाए हैं। इतना ही नहीं, कंपनी ने अपनी पहुंच भारत से बाहर भी बढ़ाई है और अब UAE, थाईलैंड और बहरीन जैसे देशों में भी उनके प्रोजेक्ट चल रहे हैं। भारत में, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में कंपनी के पावर प्लांट्स बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों को ग्रीन एनर्जी सप्लाई कर रहे हैं।
बाज़ार में पकड़ और पैसों का हाल: क्लीनमैक्स की परफॉरमेंस-बाज़ार की जानी-मानी एजेंसी CRISIL की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) में, बड़े और छोटे उद्योगों के लिए ग्रीन एनर्जी सप्लाई करने वाले बाज़ार में क्लीनमैक्स की हिस्सेदारी लगभग 12% थी। यह दिखाता है कि कंपनी इस क्षेत्र में एक मजबूत खिलाड़ी है और हर साल ओपन एक्सेस रिन्यूएबल एनर्जी (यानी बाज़ार से खरीदी जाने वाली नवीकरणीय ऊर्जा) में इसका बड़ा योगदान रहा है। खासकर गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों में तो कंपनी की पकड़ और भी मज़बूत है। अगर पैसों की बात करें, तो क्लीनमैक्स ने वित्तीय मोर्चे पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है। FY24 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 1,425.31 करोड़ रुपये था, जो अगले साल FY25 में बढ़कर 1,610.34 करोड़ रुपये हो गया। सबसे अच्छी बात यह है कि कंपनी अब मुनाफे में भी आ चुकी है। FY25 में कंपनी ने 27.84 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) कमाया है।
IPO को कौन संभालेगा? जानिए लीड मैनेजर्स के नाम-क्लीनमैक्स के इस बड़े आईपीओ को सफल बनाने के लिए, कंपनी ने कई दिग्गज इन्वेस्टमेंट बैंक्स को अपनी तरफ किया है। इन बैंकों को ‘बुक रनिंग लीड मैनेजर’ बनाया गया है, जो आईपीओ की पूरी प्रक्रिया को संभालेंगे। इस लिस्ट में Axis Capital, JP Morgan India, BNP Paribas, HSBC Securities, IIFL Capital, Nomura, BOB Capital Markets और SBI Capital Markets जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन बैंकों की विशेषज्ञता से कंपनी को उम्मीद है कि उनका आईपीओ सफलतापूर्वक पूरा होगा और वे बाज़ार से ज़रूरी फंड जुटा पाएंगे।



