असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का वायरल वीडियो: सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा विवाद

वायरल वीडियो ने बढ़ाई राजनीतिक गर्माहट-असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। वीडियो में उन्हें एक खास समुदाय के लोगों की ओर निशाना साधते हुए दिखाया गया है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया। इस वीडियो को लेकर वामपंथी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
वामपंथी नेताओं की याचिका: तुरंत कार्रवाई की मांग-सीपीआई और सीपीएम के नेताओं की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के भाषण और वायरल वीडियो से सामाजिक सौहार्द्र को खतरा है। वकील निजाम पाशा ने अदालत से कहा कि शिकायतें दर्ज होने के बावजूद एफआईआर नहीं हुई है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है ताकि स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सके।
मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी: चुनाव के समय बढ़ते मामले-सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि चुनाव के करीब आते ही कई मामले सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच जाते हैं और चुनाव का एक हिस्सा अदालत में ही लड़ना शुरू हो जाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अदालत मामले को गंभीरता से देखेगी और जल्द सुनवाई की तारीख तय करेगी।
वायरल वीडियो का विवादित कंटेंट-7 फरवरी को असम बीजेपी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें मुख्यमंत्री को राइफल से निशाना साधते और गोली चलाते हुए दिखाया गया। वीडियो में दो लोग नजर आते हैं, जिनमें से एक टोपी पहने हुए है और दूसरे की दाढ़ी है। इस वीडियो को लेकर कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इसे सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने वाला बताया।
पोस्ट हटाने के बाद भी जारी विवाद-बीजेपी ने विरोध बढ़ने पर वीडियो पोस्ट हटा दिया, लेकिन विवाद थमा नहीं। विपक्षी दलों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां इस पर सुनवाई की संभावना बनी हुई है।
आगे की राह: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सबकी नजर-अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि वह इस मामले में कब और कैसे सुनवाई करता है। अगर कोर्ट इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत सुनवाई करता है, तो यह राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर बड़ा मुद्दा बन सकता है। फिलहाल, अदालत ने याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार किया है, जिससे आने वाले दिनों में इस विवाद पर और स्पष्टता आएगी।



