दिव्या भारती: चमकती हुई जिंदगी के पीछे छिपा दर्द और मास्टर राजू की यादें

मास्टर राजू ने खोला दिव्या के संघर्षों का पहलू-बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री दिव्या भारती ने कम समय में जबरदस्त पहचान बनाई, लेकिन मास्टर राजू ने बताया कि उनकी जिंदगी में कई अंदरूनी परेशानियां थीं। पर्दे पर मुस्कुराती दिव्या असल में भावनात्मक संघर्ष से गुजर रही थीं, जो उनके कामयाब चेहरे के पीछे छिपा था।
अकेलापन और बेचैनी की कहानी-राजू ने बताया कि दिव्या अक्सर खुद को अकेला महसूस करती थीं और कई बार अपने दिल की बातें उनसे साझा किया करती थीं। बाहर से खुश दिखने वाली दिव्या के मन में कई सवाल और बेचैनियां थीं, जिन्हें बहुत कम लोग समझ पाते थे।
सादगी में छुपी उनकी खासियत-मास्टर राजू ने याद किया कि दिव्या और पूजा भट्ट के साथ उनकी दोस्ती बहुत सरल और सच्ची थी। दिव्या फिल्मी दिखावे से दूर, बेहद सादगी से जीती थीं। यही उनकी सबसे बड़ी खूबी थी, जो उन्हें बाकी सितारों से अलग बनाती थी।
आर्थिक परेशानियों ने बढ़ाई मानसिक चिंता-राजू ने बताया कि दिव्या को अपनी कमाई के सही इस्तेमाल को लेकर चिंता थी। उन्हें लगता था कि कुछ लोग उनके पैसों का गलत फायदा उठा रहे हैं, जिससे वह अंदर से कचोटती थीं और तनाव में रहती थीं।
शादी ने दी नई उम्मीद-प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला से शादी के बाद दिव्या को भावनात्मक सहारा मिला। राजू के मुताबिक शादी के बाद उनकी जिंदगी में स्थिरता आई और वह खुश नजर आने लगीं। उन्हें लगा कि अब उनके पास समझने वाला साथी है।
हादसे की रात और मास्टर राजू की भावुक यादें-5 अप्रैल 1993 की रात जब दिव्या की मौत की खबर आई, मास्टर राजू सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने उस दर्दनाक मंजर को आज भी याद किया और बताया कि वह आखिरी तक वहीं मौजूद रहे।
दिव्या की मौत: एक अधूरी कहानी-दिव्या भारती की मौत 5 अप्रैल 1993 को उनके अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल से गिरने से हुई। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। यह हादसा दुर्घटना माना गया, लेकिन आज भी इसके पीछे कई सवाल बने हुए हैं।
अधूरी रह गई एक चमकती हुई जिंदगी-दिव्या की कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष और अकेलेपन की भी है। मास्टर राजू की यादें उस इंसानी पहलू को उजागर करती हैं, जिसे ग्लैमर की चमक छुपा देती है। उनकी जिंदगी हमें सिखाती है कि सफलता के साथ अपनापन और समझ भी जरूरी है।



