रायपुर में फर्जी जीएसटी अधिकारी ने किया सरेंडर, रिश्वतखोरी केस में हुआ बड़ा खुलासा

दुर्ग रिश्वतकांड: सीबीआई का बड़ा खुलासा!
एक फर्ज़ी GST अधिकारी का पर्दाफाश!-दुर्ग में एक कारोबारी से 34 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। एक फर्ज़ी GST अधिकारी, जिसने खुद को ‘मिश्रा’ बताया था, उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है। असल में उसका नाम अनिल गुप्ता है और उसका GST विभाग से कोई लेना-देना नहीं है। यह मामला 28 जनवरी को ‘द वर्ल्ड ऑफ़ ब्यूटी’ नाम की कंपनी पर छापे के बाद सामने आया।
34 लाख की रिश्वत की मांग-28 जनवरी को सेंट्रल GST की टीम ने लालचंद अठवानी की कंपनी पर छापा मारा था। छापे के बाद, GST अधीक्षक भरत सिंह ने एक बिचौलिए, विनय राय के ज़रिए, कारोबारी से 34 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। कारोबारी को यह बात शक की नज़र से लगी और उन्होंने सीबीआई को सूचना दी।
सीबीआई का ट्रैप और गिरफ़्तारी-सीबीआई ने एक योजना बनाई और कारोबारी को केमिकल से लगे नोट दिए। जब अनिल गुप्ता ने रिश्वत ली, तो उसे रंगे हाथों गिरफ़्तार कर लिया गया। इससे पूरे मामले का खुलासा हुआ और अनिल गुप्ता की असली पहचान सामने आई। उसे 14 जुलाई तक सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया है।
फर्ज़ी अधिकारी का खेल-अनिल गुप्ता ने खुद को ‘मिश्रा’ नाम से पेश किया था और GST अधिकारी बनकर लोगों को ठग रहा था। सीबीआई अब जाँच कर रही है कि क्या यह कोई बड़ा नेटवर्क है या नहीं। यह मामला रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला है और आगे की जांच में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।



