
रिकॉर्ड पर पहुंचा देश का खाद्यान्न उत्पादन, किसानों के लिए सरकार की नई योजनाओं का बड़ा असर-भारत के कृषि क्षेत्र से खुशखबरी आई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस बार देश का खाद्यान्न उत्पादन 376.563 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे अधिक है। यह सफलता किसानों की मेहनत, नई नीतियों और आधुनिक तकनीकों का नतीजा है। धान, गेहूं, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी फसलों में बढ़ोतरी हुई है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
खाद्यान्न उत्पादन में बना नया रिकॉर्ड-इस बार देश में खाद्यान्न उत्पादन ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। धान, गेहूं, मक्का के साथ दलहन और तिलहन की पैदावार में भी बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर मौसम, उन्नत बीज और नई तकनीकों ने इस सफलता में मदद की है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय में सुधार करना भी है। इससे देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी।
PM-KISAN योजना से करोड़ों किसानों को मिला लाभ-प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 4.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है। देशभर के नौ करोड़ से अधिक किसान परिवारों को सालाना आर्थिक सहायता मिल रही है। यह योजना किसानों को खेती के लिए जरूरी खर्चों में मदद करती है और निवेश बढ़ाने में सहायक है। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से पैसा सीधे किसानों तक पहुंचता है, जिससे पारदर्शिता भी बढ़ी है।
फसल बीमा और सुरक्षा पर सरकार का फोकस-खेती मौसम और प्राकृतिक आपदाओं पर निर्भर होती है, इसलिए सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए किसानों को सुरक्षा दे रही है। इस योजना से बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि जैसी आपदाओं में फसल नुकसान की भरपाई होती है। सरकार बीमा कवरेज का विस्तार कर रही है ताकि किसानों का भरोसा बढ़े और खेती में जोखिम कम हो। यह योजना किसानों के लिए एक मजबूत सहारा साबित हो रही है।
दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर-सरकार आयात निर्भरता कम करने के लिए दलहन और तिलहन की पैदावार बढ़ा रही है। राष्ट्रीय दलहन मिशन के तहत अरहर, उड़द, मसूर और चना की उत्पादकता बढ़ाने पर काम हो रहा है। किसानों को बेहतर बीज, खरीद समर्थन और भंडारण सुविधाएं दी जा रही हैं। तिलहन मिशन के तहत सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल और ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका मकसद घरेलू उत्पादन बढ़ाकर खाद्य तेलों के आयात को कम करना है।
प्राकृतिक खेती और नए कृषि मिशन की तैयारी-सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत एक करोड़ किसानों को जागरूक करने का लक्ष्य है। लगभग 75 लाख हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाने की योजना है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कम उत्पादकता वाले जिलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें सिंचाई, मिट्टी, बीज, पशुपालन, बागवानी और बाजार सुविधाओं को जोड़ा गया है ताकि किसानों को समग्र लाभ मिल सके।
आधुनिक तकनीक बदल रही है खेती की तस्वीर-भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने 2014 से 2025 के बीच लगभग 3,000 जलवायु अनुकूल फसल किस्में विकसित की हैं। इसके अलावा 3,800 से अधिक उच्च उत्पादकता वाली और 200 से ज्यादा पोषक तत्वों से भरपूर किस्में जारी की गई हैं। डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और एग्रीस्टैक के जरिए किसान आईडी, ड्रोन सेवाएं, मौसम सलाह, कीट निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं पा रहे हैं। इससे किसानों को सही समय पर जानकारी मिलती है और बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलती है।



