फ्रूटी से मुनाफे तक: पारले एग्रो ने FY25 में दर्ज की जबरदस्त कमाई, मुनाफा कई गुना बढ़ा

FY25 में पारले एग्रो की जबरदस्त वित्तीय सफलता: जानिए कैसे कंपनी ने बढ़ाई कमाई- पारले एग्रो, जो फ्रूटी, एप्पी, स्मूध और बैली जैसे लोकप्रिय पेय ब्रांड्स की मालिक है, ने वित्त वर्ष 2024-25 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 115.38 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। कुल आय में भी 5% की बढ़ोतरी हुई और यह 3,284.13 करोड़ रुपये रही। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि कंपनी ने बाजार की चुनौतियों के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है।
मुनाफे में बड़ा उछाल: FY24 से FY25 तक का सफर- पिछले वित्त वर्ष FY24 में पारले एग्रो का शुद्ध मुनाफा सिर्फ 17.3 करोड़ रुपये था, जबकि FY25 में यह बढ़कर 115.38 करोड़ रुपये हो गया। परिचालन से होने वाली आय में भी मामूली बढ़ोतरी हुई, जो 3,126.06 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,284.13 करोड़ रुपये हो गई। इस बड़ी छलांग के पीछे कंपनी की किफायती रणनीतियां, बेहतर बिक्री और सटीक ब्रांड मैनेजमेंट का बड़ा हाथ है।
विज्ञापन खर्च में कटौती से मुनाफा बढ़ा- FY25 में पारले एग्रो ने अपने विज्ञापन और प्रमोशनल खर्च में 7.74% की कटौती की। यह खर्च 278.38 करोड़ रुपये से घटकर 256.83 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी की पहले से मजबूत ब्रांड पहचान और बाजार में अच्छी पकड़ के कारण कम खर्च में भी बेहतर बिक्री हासिल हुई। इस कदम ने कंपनी के मुनाफे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
घरेलू बाजार से मजबूत कमाई-पारले एग्रो की कमाई का बड़ा हिस्सा अभी भी घरेलू बाजार से आता है। FY25 में घरेलू बिक्री से कंपनी को 3,214.27 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि निर्यात से मात्र 30.07 करोड़ रुपये का योगदान रहा। यह दर्शाता है कि भारत में कंपनी के उत्पादों की मांग लगातार बनी हुई है, खासकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में फ्रूटी और अन्य ब्रांड्स की मजबूत उपस्थिति के कारण।
खर्च पर काबू पाकर बढ़ाई मजबूती-कंपनी के कुल खर्च FY25 में केवल 0.8% बढ़कर 3,221.39 करोड़ रुपये हुए। सीमित खर्च वृद्धि के बावजूद बेहतर मुनाफा दिखाता है कि पारले एग्रो ने ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर खास ध्यान दिया है। उत्पादन, सप्लाई चेन और मार्केटिंग में संतुलन बनाकर संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया गया, जिससे बिना ज्यादा खर्च के अच्छा मुनाफा कमाया जा सका।
भारतीय पेय उद्योग में पारले एग्रो की मजबूत पकड़-प्रकाश जे चौहान के नेतृत्व में पारले एग्रो एक अनलिस्टेड कंपनी होते हुए भी भारतीय बेवरेज इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बना चुकी है। बदलती उपभोक्ता पसंद और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच FY25 का शानदार प्रदर्शन यह साबित करता है कि कंपनी आने वाले समय में भी बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इस तरह, पारले एग्रो ने FY25 में न केवल वित्तीय मजबूती दिखाई है, बल्कि अपनी रणनीतियों और बाजार समझ के दम पर भारतीय पेय उद्योग में अपनी खास जगह भी पक्की कर ली है।



