तीन दिवसीय ‘नागरिक सुरक्षा समागम–2026’ का शुभारम्भ

भोपाल : मध्यप्रदेश सिविल डिफेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय ‘नागरिक सुरक्षा समागम–2026’ का शुभारम्भ सोमवार को महानिदेशक होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मध्यप्रदेश श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य में होमगार्ड लाईन, जेल रोड भोपाल में हुआ। यह समागम 16 से 18 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेशभर से आए नागरिक सुरक्षा स्वयं सेवकों के लिए आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, रेस्क्यू डेमो, विभिन्न प्रतियोगिताएं तथा खेल गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
समारोह को संबोधित करते हुए महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि नागरिक सुरक्षा स्वयं सेवक आपदा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में शासन-प्रशासन के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। संकट की घड़ी में उनकी तत्परता और सेवा भावना समाज के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण और समागम प्रदेश को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अधिक सक्षम बनाने के साथ-साथ‘ आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ के लक्ष्य को भी सशक्त करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों द्वारा विभिन्न आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्यवाहियों के लाइव डेमो प्रस्तुत किए गए तथा आधुनिक बचाव उपकरणों का प्रदर्शन किया गया, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित कार्यवाही की झलक देखने को मिली।
आपदा एवं आपात स्थितियों में नागरिक सुरक्षा की भूमिका
सिविल डिफेंस अधिनियम 1968 एवं सिविल डिफेंस रेगुलेशन 1968 के प्रावधानों के अंतर्गत नागरिक सुरक्षा के लिए स्वयंसेवकों का नामांकन किया जाता है। इसमें आम नागरिकों के साथ भूतपूर्व सैनिकों, वरिष्ठ एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस सदस्यों तथा निजी सुरक्षा कर्मियों को प्राथमिकता दी जाती है। प्रदेश के सभी जिलों को सिविल डिफेंस टाउन घोषित किया गया है, जहां जिला कलेक्टर पदेन कंट्रोलर के रूप में दायित्व निभाते हैं। स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, यातायात व्यवस्था तथा नागरिक सुरक्षा की विभिन्न सेवाओं से संबंधित 7 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
नागरिक सुरक्षा संगठन का प्रमुख उद्देश्य युद्ध अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों के जीवन की रक्षा करना, संपत्ति की क्षति को न्यूनतम करना, आवश्यक सेवाओं और उत्पादन को बनाए रखना तथा जनमानस का मनोबल उच्च बनाए रखना है। शांतिकाल में संगठन द्वारा नागरिकों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया जाता है, वहीं आपदा अथवा आपात स्थिति में स्वयंसेवक खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, भीड़ नियंत्रण, राहत वितरण, संचार सहायता, आग बुझाने तथा मनोसामाजिक सहायता जैसे कार्यों में प्रशासन का सहयोग करते हैं।
तीन दिवसीयनागरिक सुरक्षा समागम–2026 को प्रदेश की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के कौशल, समन्वय और सेवा भावना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
इस अवसर पर संभागायुक्त, भोपाल संभाग श्री संजीव सिंह, पुलिस कमिश्नर भोपाल श्री संजय कुमार, उप पुलिस महानिरीक्षक, एसडीईआरएफ श्री मनीष कुमार अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी एवं होमगार्ड जवान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 500 से अधिक सिविल डिफेंस वॉलेंटियर, डिवीजन वार्डन और पोस्ट वार्डन ने सहभागिता की।