स्पेन पहुँचा भारतीय प्रतिनिधिमंडल, आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत का सख़्त रुख़ दुनिया के सामने रखेगा

स्पेन में भारत का आतंकवाद विरोधी संदेश: एकजुटता का प्रदर्शन
एकजुट भारत, विश्व मंच पर आतंकवाद के खिलाफ- हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती से पेश करने का फैसला किया है। इस कड़ी में, डीएमके सांसद कनीमोळी करुणानिधि के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय दौरे पर स्पेन पहुंचा है। इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जो भारत के ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ के रुख को विश्व के सामने रखने के लिए एकजुट हुए हैं।
स्पेन में मुलाकातें और भारत का संदेश- स्पेन में अपने प्रवास के दौरान, यह प्रतिनिधिमंडल स्पेनिश सरकार, भारतीय समुदाय और सिविल सोसाइटी के सदस्यों से मुलाकात करेगा। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करना और वैश्विक स्तर पर इस मुद्दे पर भारत की आवाज़ को और मजबूत बनाना है। यह एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम है जो पहलगाम हमले के बाद उठाया गया है।
बहुपक्षीय प्रयास और वैश्विक एकजुटता- यह स्पेन दौरा भारत के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है, जिसमें सात बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडल 33 देशों का दौरा कर रहे हैं। इन दौरों का लक्ष्य पाकिस्तान और आतंकवाद के बीच के गहरे संबंधों को उजागर करना और विश्व समुदाय को इस खतरे से अवगत कराना है। यह दिखाता है कि भारत आतंकवाद से निपटने के लिए एक व्यापक और समन्वित रणनीति अपना रहा है।
राजनीतिक एकता और भारत की छवि- इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एक विपक्षी पार्टी की सांसद द्वारा किया जा रहा है, जो भारत में राजनीतिक एकता का एक स्पष्ट संकेत है। यह दर्शाता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी राजनीतिक दल एक साथ खड़े हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कोई मतभेद नहीं है। यह एकता भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करती है।
भारत-पाकिस्तान तनाव और शांति की पहल- हाल के भारत-पाकिस्तान तनाव के बारे में भी यह लेख प्रकाश डालता है। पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था, लेकिन दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोक दी गई है। यह बातचीत शांति की एक महत्वपूर्ण पहल है।



