राहुल गांधी पर बीजेपी का बड़ा हमला: ‘क्या अब निशान-ए-पाकिस्तान चाहिए?’

राहुल गांधी का बयान: क्या है पूरा मामला?- यह लेख राहुल गांधी के हालिया बयान पर केंद्रित है, जिसने राजनीतिक हलचल मचा दी है। बीजेपी ने उनके बयान को पाकिस्तान समर्थक करार दिया है। आइए, इस विवाद को विस्तार से समझते हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सवाल- राहुल गांधी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत के नुकसान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह जानना चाहा कि इस ऑपरेशन में कितने भारतीय विमान गिरे। बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी का यह सवाल पाकिस्तान के नैरेटिव को आगे बढ़ाता है और देश की सेना का अपमान करता है। बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी सिर्फ़ भारत के नुकसान पर ज़ोर दे रहे हैं, पाकिस्तान के नुकसान पर नहीं। यह सवाल देश की सुरक्षा और विदेश नीति पर सवालिया निशान खड़ा करता है, ऐसा बीजेपी का मानना है।
‘नए ज़माने का मीर जाफर’?- बीजेपी ने राहुल गांधी को ‘नए ज़माने का मीर जाफर’ कहकर आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक मीम भी पोस्ट किया, जिसमें राहुल गांधी को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ दिखाया गया है। इस मीम का मकसद यह दिखाना है कि राहुल गांधी के बयान पाकिस्तान के हित में हैं, जैसे मीर जाफर ने अंग्रेजों का साथ दिया था। यह एक गंभीर आरोप है जो राहुल गांधी की देशभक्ति पर सवाल उठाता है।
निशान-ए-पाकिस्तान का तंज- बीजेपी ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि क्या उनका अगला लक्ष्य पाकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ पाना है? यह तंज राहुल गांधी के बयानों के पाकिस्तान समर्थक होने के आरोप पर बल देता है। बीजेपी का मानना है कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर बधाई तक नहीं दी, जो उनके देशभक्ति के प्रति सवाल खड़े करता है।
पाकिस्तान के नुकसान पर चुप्पी?- बीजेपी ने सवाल किया कि राहुल गांधी ने पाकिस्तान के नुकसान पर क्यों सवाल नहीं उठाया? उनका कहना है कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई विमानों को तबाह किया था, लेकिन राहुल गांधी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। यह बीजेपी के उस दावे को मज़बूत करता है कि राहुल गांधी पाकिस्तान का नैरेटिव दोहरा रहे हैं।
एक ही एजेंडा?-बीजेपी ने एक तस्वीर भी पोस्ट की जिसमें राहुल गांधी और पाकिस्तानी सेना प्रमुख के चेहरे मिलाए गए हैं। इससे बीजेपी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि राहुल गांधी और पाकिस्तानी सेना का एजेंडा एक ही है। यह आरोप बेहद गंभीर है और राहुल गांधी की राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है।
आज़ादी की लड़ाई से सेना पर सवाल तक?-बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी की सोच भारत के हित में नहीं है। उनका आरोप है कि राहुल गांधी देश की विदेश नीति को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी ने राहुल गांधी को ‘भटके हुए’ से भी आगे बढ़कर ‘एक खतरा’ करार दिया है। यह एक कड़ा बयान है जो राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका पर गंभीर सवाल उठाता है।



