क्या ट्रंप का टैरिफ भारतीय शेयर बाजार के लिए खतरे की घंटी है?

अमेरिकी टैरिफ का झटका और भारतीय बाजार का डोलना
ट्रंप के ऐलान से मची हलचल-शुक्रवार की सुबह भारतीय शेयर बाजारों में एकाएक भारी गिरावट देखने को मिली। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले सभी सामानों पर 25% का टैरिफ लगाने का ऐलान किया, साथ ही रूस से तेल और हथियार खरीदने पर जुर्माने की भी बात कही। इससे बाजार में खलबली मच गई। निवेशकों को लगा कि इससे देश के निर्यात को तगड़ा झटका लगेगा। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स में 786 अंकों की भारी गिरावट आई और निफ्टी भी 212 अंक नीचे आ गया। लोगों में घबराहट साफ दिख रही थी।
बाजार ने संभाली वापसी-हालांकि, शुरुआती झटके के बाद भारतीय बाजार ने खुद को संभाला और वापसी की। दोपहर तक सेंसेक्स और निफ्टी में सुधार हुआ। इससे ये साफ हुआ कि निवेशकों में ज्यादा घबराहट नहीं थी। कुछ बड़े शेयरों में 1% तक की गिरावट आई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार स्थिर हो गया। यह वापसी निवेशकों के लिए राहत की सांस जैसी थी।
अमेरिकी दबाव की रणनीति?-कई जानकारों का मानना है कि ट्रंप का ये कदम भारत पर व्यापारिक दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। अमेरिका ने हाल ही में कई देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। इसलिए भारत पर टैरिफ और जुर्माना लगाने का कदम एक तरह का दबाव ही माना जा रहा है। खासकर इसलिए कि भारत रूस से बहुत सारा तेल और हथियार खरीदता है, और इस तरह का जुर्माना झेलने वाला वो पहला देश है।
विदेशी निवेशकों का रोल और एशियाई बाजार-बाजार की स्थिति पर विदेशी निवेशकों का भी असर पड़ा। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बड़ी संख्या में शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा। एशियाई बाजारों में भी अलग-अलग हालात थे। कुछ बाजार गिरे, तो कुछ बढ़े। अमेरिकी बाजार भी बुधवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे। यह सब भारतीय बाजार पर भी असर डाल रहा था।



