भारत-कनाडा रिश्तों को नई रफ्तार देने की तैयारी: जयशंकर और अनीता आनंद की फोन पर अहम बातचीत

भारत-कनाडा: दोस्ती की नई शुरुआत
फोन पर हुई मीटिंग, बढ़ी दोस्ती की उम्मीदें-भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और कनाडा की नई विदेश मंत्री अनीता आनंद ने फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा के रिश्तों को और मजबूत करने, व्यापार बढ़ाने और साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई। इससे दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्तों की उम्मीदें बढ़ी हैं।
अनीता आनंद: कनाडा की नई विदेश नीति की कमान-अनीता आनंद, एक अनुभवी इंडो-कैनेडियन नेता, अब कनाडा की विदेश मंत्री हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली लिबरल पार्टी की जीत के बाद उन्हें यह ज़िम्मेदारी मिली। पहले वे रक्षा मंत्री और नवाचार मंत्री भी रह चुकी हैं, जिससे उनके पास काफी अनुभव है।
शुभकामनाएँ और आगे बढ़ने का जोश-जयशंकर ने X (पहले ट्विटर) पर आनंद को बधाई दी और भारत-कनाडा संबंधों पर चर्चा की। आनंद ने भी इस बातचीत को सकारात्मक बताया और दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने में उत्साह दिखाया। दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक रवैया साफ दिखाई दिया।
साझा लक्ष्य, मजबूत रिश्ते-बातचीत में दोनों मंत्रियों ने आर्थिक सहयोग, व्यापार, विज्ञान, रक्षा और वैश्विक मुद्दों पर साथ काम करने पर जोर दिया। साझा हितों पर मिलकर काम करने की उनकी प्रतिबद्धता से दोनों देशों के बीच मज़बूत संबंधों का संकेत मिलता है।
कनाडा में नई सरकार, नई नीतियाँ?-हाल ही में हुए चुनावों के बाद कनाडा में नई सरकार बनी है। अनीता आनंद को विदेश मंत्री बनाया गया है, जबकि मेलानी जोली को उद्योग मंत्री। यह बदलाव कनाडा की विदेश नीति में नए बदलावों का संकेत दे सकता है।
अनुभवी नेता, बड़ी ज़िम्मेदारी-अनीता आनंद के पास राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का भरपूर खजाना है। विदेश मंत्री बनने से पहले वे नवाचार, विज्ञान और उद्योग मंत्री और रक्षा मंत्री रह चुकी हैं। उनका अनुभव उन्हें इस महत्वपूर्ण पद के लिए उपयुक्त बनाता है।



