डॉलर के मुकाबले फिर फिसली रुपया की कीमत, जानिए किन वजहों से बढ़ रहा दबाव

रुपया गिरा: क्या है वजह और आगे क्या होगा?-गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 85.70 पर आ गया। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजहें और आगे क्या हो सकता है।
आरबीआई की रणनीति: डॉलर की खरीद-आरबीआई डॉलर खरीदकर विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत रखने की कोशिश में है। जब रुपया मजबूत होता है, आरबीआई हस्तक्षेप करके उसे नीचे लाता है। इससे रुपये को मजबूत होने में दिक्कत आती है और बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ता है। यह एक तरह का बाजार नियंत्रण है जिससे अचानक उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।
वैश्विक कारक: अमेरिका की अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतें-अमेरिका के नौकरी के आंकड़े और व्यापार समझौते पर निवेशक नजरें गड़ाए हुए हैं। अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो रुपया और कमजोर हो सकता है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी रुपये पर दबाव डालता है। तेल महंगा हुआ तो भारत का व्यापार घाटा बढ़ेगा, जिससे रुपये पर दबाव पड़ेगा।
घरेलू बाजार: शेयर बाजार और विदेशी निवेशक-घरेलू शेयर बाजार में थोड़ी तेजी है, लेकिन इससे रुपये को ज्यादा सहारा नहीं मिल पा रहा है। विदेशी निवेशक लगातार शेयर बेच रहे हैं, जिससे रुपया कमजोर हो रहा है। डॉलर इंडेक्स में भी थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, जिससे रुपये पर और दबाव है।
आगे क्या?-रुपये की कमजोरी कई वजहों से है: आरबीआई की नीति, वैश्विक आर्थिक स्थिति और घरेलू बाजार। आने वाले दिनों में रुपये की चाल पर नजर रखना ज़रूरी है।



