रायपुर में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की धीमी रफ्तार: जानिए वजह और हालात

रायपुर- रायपुर जिले में इस वित्तीय वर्ष में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की गति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। बीते 9 महीनों में कुल 31,818 संपत्ति रजिस्ट्रियां हुईं, जिससे करीब 572 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। हालांकि यह पिछले साल के लक्ष्य के मुकाबले आधा ही माना जा रहा है।
9 महीनों में राजस्व का पूरा आंकड़ा-पंजीयन विभाग के अनुसार, इन 9 महीनों में स्टांप ड्यूटी से लगभग 366 करोड़ रुपये और पंजीयन शुल्क से 205 करोड़ रुपये से ज्यादा की आमदनी हुई। कुल मिलाकर 572 करोड़ रुपये का राजस्व जमा हुआ, जो अच्छी आमदनी है लेकिन रजिस्ट्रियों की संख्या अपेक्षित नहीं रही।
रजिस्ट्रेशन की संख्या कम रहने के कारण-रजिस्ट्रेशन की संख्या कम होने के पीछे तकनीकी समस्याएं मुख्य वजह हैं। पंजीयन प्रक्रिया के दौरान सर्वर की दिक्कतें लोगों को बार-बार दफ्तर आने पर मजबूर करती हैं। साथ ही नई गाइडलाइन के तहत जमीन की कीमतें बढ़ने से सौदे टल रहे हैं।
नई गाइडलाइन दरों का प्रभाव-नई गाइडलाइन लागू होने के बाद जमीन की कीमतों में वृद्धि हुई, जिससे खरीद-बिक्री के सौदों में सुस्ती आई। कई खरीदार और निवेशक अब सौदे करने से पहले सोच-विचार कर रहे हैं। इस वजह से रायपुर में रजिस्ट्रेशन की संख्या पर असर पड़ा है।
पिछले साल और इस साल के बीच फर्क-पिछले वित्तीय वर्ष में पंजीयन विभाग का राजस्व लक्ष्य 1,000 करोड़ रुपये था, जबकि इस बार अभी तक कोई औपचारिक लक्ष्य तय नहीं हुआ है। अधिकारी मानते हैं कि बाजार में वह तेजी नहीं दिख रही जो पहले थी, लेकिन आने वाले महीनों में सुधार की उम्मीद है।



