कोरोना फिर से देने लगा दस्तक: इन राज्यों में बढ़े केस, सरकार ने जारी की सख्त एडवाइजरी

दक्षिण भारत में कोरोना की वापसी: क्या हमें फिर से सतर्क रहने की ज़रूरत है?- भारत में कोरोना के मामलों में फिर से इज़ाफ़ा हो रहा है, और इस बार दक्षिण भारत के राज्य ज़्यादा प्रभावित हैं। केरल में तो पहले से ही मामले बढ़ रहे थे, अब आंध्र प्रदेश में भी नए केस सामने आ रहे हैं। सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है।
कोरोना का नया रूप: JN.1 वेरिएंट- इस बार कोरोना का नया रूप, JN.1 वेरिएंट, चिंता का विषय बना हुआ है। यह ओमिक्रॉन का सब-वेरिएंट है और तेज़ी से फैल रहा है। हालाँकि, यह पहले के वेरिएंट्स की तुलना में कम गंभीर बताया जा रहा है, लेकिन इसकी तेज़ी से फैलने की क्षमता चिंताजनक है, खासकर बुज़ुर्गों और बीमार लोगों के लिए।
केरल में कोरोना के बढ़ते मामले- केरल में मई महीने में 182 नए कोविड-19 केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और सरकार की गाइडलाइन्स का पालन करने का आग्रह किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लापरवाही से हालात फिर से बिगड़ सकते हैं।
अन्य राज्यों में भी कोरोना की परछाईं- केरल के अलावा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इन राज्यों में भी सरकारें सतर्क हो गई हैं और मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपायों को फिर से ज़रूरी कर दिया गया है।
आंध्र प्रदेश सरकार की नई एडवाइज़री- आंध्र प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। मॉल, थिएटर, और बस स्टॉप जैसी जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी ज़रूरी है। बुज़ुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन-स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को नई एडवाइज़री जारी की है। अगर आपको सर्दी, खांसी, या सांस लेने में तकलीफ़ हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और मास्क ज़रूर पहनें। अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
सतर्कता ही बचाव-कोरोना भले ही पहले जैसा खतरनाक न हो, लेकिन लापरवाही करना सही नहीं है। सरकार की गाइडलाइन्स का पालन करें, मास्क लगाएँ, हाथ धोएँ, और अगर कोई लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।



