Kotak Bank के शेयर में 7% की गिरावट क्यों आई? क्या कमजोर नतीजों से निवेशकों का भरोसा डगमगा गया?

कोटक Mahindra बैंक के शेयरों में गिरावट: क्या है वजह और क्या करें निवेशक?-कोटक Mahindra बैंक के शेयरों में सोमवार को करीब 7% की भारी गिरावट देखने को मिली। इससे निवेशकों में हड़कंप मच गया है। आखिर क्या है इस गिरावट की असली वजह? आइए जानते हैं इस लेख में।
कमजोर तिमाही नतीजे: मुनाफे में भारी गिरावट-जून तिमाही के नतीजे बैंक के लिए कुछ खास अच्छे नहीं रहे। बैंक का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 4,472 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 7,448 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी कम है। हालांकि, पिछले साल के आंकड़ों में जनरल इंश्योरेंस बिजनेस बेचने से 3,000 करोड़ रुपये का फायदा शामिल था। इस फायदे को निकालकर देखें तो बैंक के मुनाफे में भारी गिरावट साफ दिखती है। रिटेल कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो पर दबाव और मंदी के माहौल ने भी बैंक की परफॉर्मेंस को प्रभावित किया है। इस सबके चलते बाजार निराश हुआ और शेयरों में गिरावट आई।
7% की कमाई में गिरावट: क्या हैं कारण?-बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट इस बार 3,282 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 7% कम है। इस गिरावट के कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में की गई कटौती जिससे बैंक की मूल आय पर असर पड़ा है। इसके अलावा, फीस इनकम में धीमी बढ़त और प्रावधानों (provisions) में इजाफा भी मुनाफे को कम करने के लिए जिम्मेदार हैं। लोन की ग्रोथ 14% रही और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 6% की बढ़त दिखी, लेकिन नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटकर 4.65% रह गया, जो पिछली तिमाही से 0.37% कम है। यानी, बैंक भले ही ज्यादा लोन दे रहा हो, लेकिन उससे कमाया जा रहा ब्याज का मार्जिन कम होता जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?-जब किसी बड़े और भरोसेमंद बैंक के मुनाफे में गिरावट आती है और उसकी आय पर दबाव बढ़ता है, तो निवेशक स्वाभाविक रूप से सतर्क हो जाते हैं। कोटक Mahindra बैंक हमेशा से भरोसेमंद बैंकों में गिना जाता रहा है, लेकिन कमजोर आंकड़े देखकर बाजार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। ब्याज दरों में गिरावट, धीमी फीस इनकम और बढ़ते प्रावधानों ने इस गिरावट को और भी गहरा कर दिया है। इस समय निवेशकों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। अगर आप पहले से ही बैंक के शेयर में निवेश किए हुए हैं, तो लॉन्ग टर्म नजरिए से अपनी रणनीति बनाएं। नए निवेश के बारे में सोच रहे हैं तो अगली तिमाही के नतीजों और बाजार के रुझानों का इंतजार करें।



