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शर्मिष्ठा पनोली केस में नया मोड़: अब शिकायतकर्ता वजाहत खान पर भी FIR, सियासी घमासान तेज

शर्मिष्ठा विवाद: राजनीति में तब्दील हुआ मामला- एक लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पनोली की गिरफ्तारी से शुरू हुआ मामला अब देश भर में राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। शर्मिष्ठा के समर्थन में कई बड़े नेता भी आ गए हैं।

 वजाहत खान पर भी केस दर्ज- शर्मिष्ठा के खिलाफ शिकायत करने वाले वजाहत खान पर भी धार्मिक भावनाओं को आहत करने और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप में केस दर्ज हो गए हैं। असम और कोलकाता में उनके खिलाफ कार्रवाई चल रही है, जिससे पूरा मामला और पेचीदा हो गया है। वजाहत खान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

 शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी और जेल यात्रा- कोलकाता पुलिस ने शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी को कानूनी बताया है और उन्हें अलीपुर जेल में रखा गया है। वजाहत खान पर केस दर्ज होने के बाद असम पुलिस ने भी उन्हें ढूंढना शुरू कर दिया है, लेकिन वह अभी तक नहीं मिले हैं। इससे साफ है कि यह मामला अब सिर्फ दो लोगों तक सीमित नहीं रह गया है।

 वजाहत खान कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?- वजाहत खान कोलकाता के रहने वाले हैं और ‘रसीदी फाउंडेशन’ नाम के संगठन से जुड़े हैं। उन्होंने शर्मिष्ठा के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन अब उन पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है। उन्होंने अपनी पोस्ट्स डिलीट कर दीं, लेकिन कई लोगों ने स्क्रीनशॉट ले लिए थे।

 दिल्ली और असम में भी केस, सोशल मीडिया पर बहस- वजाहत खान पर दिल्ली और असम में भी केस दर्ज हुए हैं। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि केवल शर्मिष्ठा को ही क्यों निशाना बनाया गया, जबकि शिकायतकर्ता पर भी गंभीर आरोप हैं। यह सवाल अब एक बड़ी बहस का विषय बन गया है।

असम के मुख्यमंत्री का बयान- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है और वजाहत खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कोलकाता पुलिस से भी सहयोग मांगा है।

 दोनों पक्षों पर सवाल- शुरुआत में केवल शर्मिष्ठा पर ही ध्यान केंद्रित था, लेकिन अब वजाहत खान पर लगे आरोपों ने मामले को और जटिल बना दिया है। राजनीतिक दलों के शामिल होने से यह मामला अब कानूनी लड़ाई से ज़्यादा राजनीतिक लड़ाई जैसा लग रहा है। आगे क्या होता है, यह देखना बाकी है।

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