आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर सियासी तूफान: शाहरुख खान पर निशाना, बीजेपी पर भड़के प्रियंक खड़गे

शाहरुख खान पर बीजेपी के हमलों पर प्रियंक खड़गे का कड़ा जवाब: खेल और राजनीति की जंग-कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी के चयन को लेकर शाहरुख खान पर हो रहे हमलों पर बीजेपी को जमकर घेरा है। उन्होंने कहा कि आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों के खेलने के नियम बीसीसीआई और आईपीएल तय करते हैं, इसलिए शाहरुख खान को निशाना बनाना गलत है। आइए जानते हैं इस विवाद की पूरी कहानी।
बीसीसीआई और आईपीएल के नियमों पर उठाया सवाल-प्रियंक खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आईपीएल में कोई भी विदेशी खिलाड़ी तभी खेल सकता है, जब बीसीसीआई और लीग के नियम इसकी अनुमति देते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी को फ्रेंचाइजी मालिकों को कोसने की बजाय बीसीसीआई से सवाल करना चाहिए कि आखिर ऐसे खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति क्यों दी जा रही है।
केकेआर ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को किया साइन-कोलकाता नाइट राइडर्स, जिसके सह-मालिक शाहरुख खान हैं, ने दिसंबर 2025 में अबू धाबी में हुई मिनी नीलामी में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 के लिए खरीदा। इस फैसले के बाद राजनीति गरमा गई और इसे राष्ट्रवाद से जोड़कर देखा जाने लगा।
राष्ट्रवाद बनाम खेल: बहस ने पकड़ा जोर-मुस्तफिजुर रहमान के चयन के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने इसे “असंवेदनशील” करार दिया, खासकर तब जब बांग्लादेश में तनाव की खबरें आ रही थीं। उनका कहना था कि ऐसे हालात में पड़ोसी देश के खिलाड़ी को भारत में खेलने नहीं देना चाहिए।
संगीत सोम का तीखा हमला और देशद्रोही तक कह दिया-उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ बीजेपी नेता संगीत सोम ने शाहरुख खान पर तीखा हमला करते हुए उन्हें देशद्रोही तक कह दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को देश में रहने का कोई हक नहीं है। सोम ने दावा किया कि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या हो रही है, फिर भी शाहरुख ने खिलाड़ी को अपनी टीम में शामिल किया।
एयरपोर्ट से बाहर न निकलने देने की धमकी-मेरठ में एक सभा में संगीत सोम ने कहा कि मुस्तफिजुर रहमान को एयरपोर्ट से बाहर नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने शाहरुख खान को चेतावनी दी कि वह देश की जनता की वजह से सुपरस्टार हैं, अगर वह ऐसा करते रहे तो उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।
संत समाज की भी आलोचना में शामिल-इस विवाद में हिंदू आध्यात्मिक गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य भी शामिल हो गए। उन्होंने भी शाहरुख खान की आलोचना की और इस फैसले को गलत बताया। इस तरह यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं रहकर धार्मिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया।
बीजेपी के राष्ट्रवाद पर प्रियंक खड़गे का तंज-प्रियंक खड़गे ने कहा कि बीजेपी का राष्ट्रवाद जरूरत के हिसाब से सामने आता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान मैच खेले गए या कोविड के दौरान आईपीएल इस्लामिक देशों में हुआ, तब किसी को आपत्ति नहीं थी।
गृह मंत्री अमित शाह से सवाल पूछने की सलाह-खड़गे ने कहा कि बीजेपी नेताओं को फ्रेंचाइजी मालिकों को घेरने की बजाय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल पूछने चाहिए। उन्होंने पूछा कि आखिर आईसीसी और बीसीसीआई को ऐसे फैसले लेने की अनुमति क्यों दी जा रही है। उनका कहना है कि प्रतिबंध लगाने की जिम्मेदारी सरकार और खेल बोर्ड की है। शाहरुख खान पर हो रहे हमलों के बीच प्रियंक खड़गे ने साफ किया कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए। आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों के चयन के नियम बीसीसीआई और आईपीएल के होते हैं, इसलिए व्यक्तिगत स्तर पर किसी को निशाना बनाना सही नहीं। अब यह देखना होगा कि इस बहस का अगला अध्याय क्या होगा।



