तमिलनाडु चुनाव में गरमाई सियासत: Edappadi K Palaniswami का DMK पर हमला, ऑडियो टेप और किडनी रैकेट की जांच का वादा

तमिलनाडु चुनावी रैली में पलानीस्वामी के बड़े आरोप: सत्ता में आने पर सख्त कार्रवाई का भरोसा-तमिलनाडु की सियासत में चुनावी माहौल गर्म होता जा रहा है। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने हाल ही में एक रैली में कई गंभीर आरोप लगाए और सत्ता में आने पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने डीएमके नेताओं से जुड़े विवादों पर जांच कराने और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही। आइए विस्तार से जानते हैं इस रैली की खास बातें।
ऑडियो टेप विवाद पर जांच का भरोसा-एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने डीएमके नेता ए राजा से जुड़ी कथित ऑडियो क्लिप की जांच कराने का वादा किया। उन्होंने साफ कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो इस मामले की पूरी सच्चाई सामने लाकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। यह बयान उस वक्त आया है जब सोशल मीडिया पर यह ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
2G स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़ा ऑडियो बना चुनावी मुद्दा-हाल ही में एक अपुष्ट ऑडियो क्लिप सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर ए राजा अपनी जेल की यादें साझा करते दिख रहे हैं। यह मामला 2G स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़ा है, जिसमें उन्हें पहले बरी किया गया था। विपक्ष इस ऑडियो को चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है और इसे लेकर सवाल उठा रहा है।
किडनी रैकेट पर भी पलानीस्वामी ने जताई चिंता-रैली में पलानीस्वामी ने अवैध किडनी रैकेट का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि इस मामले में डीएमके के एक विधायक का नाम जुड़ा है। उन्होंने कहा कि गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर अवैध तरीके से किडनी निकाली जा रही है। उन्होंने वादा किया कि सत्ता में आने पर इस मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी।
दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा-पलानीस्वामी ने साफ कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर कोई भी बच नहीं पाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। उन्होंने कानून की बराबरी पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। यह बयान प्रशासन की कड़ी नीति का संकेत है।
डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप-पूर्व मुख्यमंत्री ने डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और नगर प्रशासन मंत्री एन नेहरू को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कई मामलों में अनियमितताएं सामने आई हैं और सत्ता में आने पर इन सभी आरोपों की जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई का भी भरोसा दिया।
किसानों और बिजली सप्लाई को लेकर भी निशाना साधा-पलानीस्वामी ने कृषि क्षेत्र को लेकर डीएमके सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि एआईएडीएमके शासनकाल में कृषि विकास दर 5.5 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 3.5 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले किसानों को 24 घंटे तीन-फेज बिजली मिलती थी, लेकिन अब शिफ्ट में सप्लाई हो रही है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है।
निवेश और रोजगार के मुद्दे पर भी उठाए सवाल-रैली में पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार को राज्य में विदेशी निवेश लाने में नाकाम बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के लाखों रोजगार के दावे पर भी सवाल उठाए और कहा कि बिना नए उद्योगों के इतने रोजगार पैदा होना संभव नहीं है। यह आरोप रोजगार और आर्थिक विकास को लेकर चिंता जताते हैं।
कावेरी जल विवाद पर भी राजनीति तेज-कावेरी जल विवाद को लेकर पलानीस्वामी ने कहा कि यह नदी तमिलनाडु के कई जिलों के लिए जीवनरेखा है। उन्होंने कर्नाटक में मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर चिंता जताई और डीएमके पर इस मुद्दे को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया। यह बयान जल विवाद को लेकर राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।
चुनावी माहौल में बढ़ती बयानबाजी-तमिलनाडु चुनाव के बीच एआईएडीएमके ने कई मुद्दों पर डीएमके को घेरने की कोशिश की है। पलानीस्वामी के आरोप और जांच के वादे साफ दिखाते हैं कि राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये आरोप और वादे कितना असर दिखाते हैं और जनता पर क्या प्रभाव पड़ता है।



