शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी: आईटी स्टॉक्स की खरीद और एशियाई बाजारों से मिला सहारा

शेयर बाजार का रोमांचक खेल: उतार-चढ़ाव और उसके पीछे के राज़- भारतीय शेयर बाजार, कभी ऊपर कभी नीचे, एक रोमांचक सवारी जैसा है! आइए जानते हैं हालिया उतार-चढ़ाव के पीछे की कहानी।
शुरुआती मंदी से तेज़ी की ओर- शुक्रवार की शुरुआत कुछ धीमी रही, लेकिन जल्द ही सेंसेक्स और निफ्टी ने शानदार वापसी की। सेंसेक्स 219.05 अंकों की बढ़त के साथ 81,171.04 पर पहुँच गया, जबकि निफ्टी 111.2 अंकों की तेज़ी के साथ 24,720.90 पर पहुँचा। यह तेज़ी और भी बढ़ी और सेंसेक्स 411.60 अंक ऊपर चढ़ गया, जबकि निफ्टी 145.15 अंक ऊपर। ये उतार-चढ़ाव दिखाते हैं कि बाजार कितना गतिशील है और निवेश कैसे बदलते रहते हैं।
आईटी सेक्टर का जलवा और कुछ शेयरों की गिरावट- इस तेज़ी के पीछे सबसे बड़ा कारण था आईटी सेक्टर में खरीदारी का बढ़ना। इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा जैसे दिग्गजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। पावर ग्रिड, आईटीसी, इंडसइंड बैंक और नेस्ले भी टॉप पर रहे। हालाँकि, सन फार्मा और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे कुछ शेयरों ने निराश किया और नुकसान में रहे, जो दिखाता है कि हर सेक्टर एक साथ नहीं चलता।
एशियाई बाजारों का सकारात्मक प्रभाव- एशियाई बाजारों का माहौल भी सकारात्मक था। जापान का निक्केई 225, साउथ कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स सभी हरे निशान में थे। इस सकारात्मक माहौल का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा और निवेशकों का विश्वास बढ़ा। वैश्विक बाजारों का भारतीय बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
एफआईआई की बिकवाली और भारत की मज़बूत स्थिति- हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तेज़ी में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) की खरीदारी ने अहम भूमिका निभाई है, लेकिन अब यह कम हो रही है। 20 और 22 जून को एफआईआई की भारी बिकवाली चिंता का विषय है। लेकिन भारत की मज़बूत अर्थव्यवस्था, कम महंगाई और घटती ब्याज दरें बाजार को सहारा दे रही हैं।
घरेलू सेक्टरों का अटूट विश्वास- कुछ सेक्टर हमेशा मज़बूत बने रहते हैं, चाहे बाजार में कितना भी उतार-चढ़ाव क्यों न हो। वित्तीय सेवाएँ, टेलीकॉम और एविएशन जैसे क्षेत्र घरेलू मांग पर आधारित हैं और इनकी मज़बूती बरकरार रहती है। ICICI बैंक, भारती एयरटेल और इंटरग्लोब एविएशन जैसे शेयर निवेशकों का विश्वास बनाए हुए हैं। ये स्थिरता बाजार में संतुलन बनाए रखती है।
तेल की कीमतों में गिरावट और एफआईआई का निकास- ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 0.59% की गिरावट आई है, जो 64.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गई है। दूसरी ओर, एफआईआई ने गुरुवार को 5,045.36 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे निवेशकों में थोड़ी चिंता है। तेल की कीमतों और एफआईआई के फैसलों का बाजार पर सीधा असर पड़ता है।
गुरुवार की गिरावट के बाद वापसी- गुरुवार को बाजार में भारी गिरावट आई थी। सेंसेक्स 644.64 अंक और निफ्टी 203.75 अंक गिर गए थे। लेकिन शुक्रवार को शानदार वापसी हुई, जिससे निवेशकों में नई उम्मीद जगी। बाजार का उतार-चढ़ाव एक सामान्य बात है, और वापसी भी संभव है।



