राहुल गांधी का बड़ा दावा: “मोदी सरकार दबाव में लाई जाति जनगणना, सच्चाई नहीं आएगी सामने”

बिहार से शुरू हुई ‘वोटर अधिकार यात्रा’: राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बोला हल्ला!
‘वोटर अधिकार यात्रा’ का हुआ भव्य शुभारंभ-बिहार के ऐतिहासिक शहर सासाराम से रविवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी ने एक नई शुरुआत की है, जिसे ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का नाम दिया गया है। इस महत्वपूर्ण यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, और विकासशील इंसान पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी जैसे कई बड़े नेता मौजूद रहे। इतना ही नहीं, वामपंथी दलों के भी कई प्रमुख चेहरे, जैसे सीपीआई(एमएल) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, सीपीएम की सुभाषिनी अली और सीपीआई के पी संतोष कुमार ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की। यह यात्रा लगभग 1,300 किलोमीटर की एक लंबी दूरी तय करेगी और बिहार के 20 से अधिक जिलों से होकर गुजरेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य जनता को जागरूक करना है।
जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी का तीखा प्रहार-इस जनसभा के मंच से राहुल गांधी ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष लंबे समय से जातिगत जनगणना कराने की मांग कर रहा है और इस मुद्दे को संसद में भी उठाया गया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने जनता के दबाव में आकर जातिगत जनगणना कराने का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन वे असल में कभी भी एक निष्पक्ष और सटीक जनगणना नहीं कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय जनता पार्टी कभी भी आरक्षण की 50% की सीमा को नहीं हटाएगी, जबकि देश में फैली असमानता को खत्म करने के लिए यह सबसे ज़रूरी कदम है।
कांग्रेस और INDIA गठबंधन का बड़ा वादा-अपने संबोधन के दौरान, राहुल गांधी ने यह विश्वास दिलाया कि यदि कांग्रेस और INDIA गठबंधन सत्ता में आते हैं, तो पूरे देश में जातिगत जनगणना कराई जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने आरक्षण पर लगी 50% की सीमा को भी हटाने का वादा किया। राहुल गांधी का मानना है कि सच्चा सामाजिक न्याय तभी संभव है जब सभी जातियों की सही संख्या का पता चले और उसी के आधार पर नीतियों का निर्माण किया जाए। उनका कहना था कि बीजेपी और मोदी सरकार केवल दिखावटी राजनीति करती है और उनके पास वास्तविक जनगणना कराने का कोई इरादा नहीं है।
केंद्र सरकार की मंशा पर उठे सवाल-आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने इसी साल अप्रैल में यह घोषणा की थी कि अगली जनगणना में जातिगत आंकड़ों को भी शामिल किया जाएगा। यह आजादी के बाद पहली बार होगा जब जाति की गिनती को आधिकारिक तौर पर दर्ज किया जाएगा। हालांकि, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस घोषणा पर संदेह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार की मंशा साफ नहीं है और यह केवल एक चुनावी चाल लगती है। इसके अलावा, जनगणना कब होगी और इसमें कितनी पारदर्शिता होगी, इस पर भी विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
‘वोटर अधिकार यात्रा’ का मुख्य संदेश-‘वोटर अधिकार यात्रा’ के माध्यम से कांग्रेस ने बिहार में अपने चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी है। पार्टी के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जनता को “वोट की चोरी” के खिलाफ जागरूक करना है। इस यात्रा की शुरुआत बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने खुद गाड़ी चलाकर की, जिसमें राहुल गांधी, मुकेश सहनी, बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश कुमार और वाम दलों के नेता भी मौजूद थे। इस दौरान, राहुल गांधी ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब समय आ गया है कि जनता को उनका वास्तविक अधिकार दिलाया जाए और सामाजिक न्याय के लिए लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी।



