श्रीलंका और वियतनाम की रामायण टीम पहुँची राजिम

राज्य स्तरीय रामायण प्रतियोगिता 16 से 18 फरवरी तक नदी में बने विशाल गुम्बद मंच पर होगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार 16 फरवरी को प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक प्रस्तुतिकरण होगा जिसमें 14 जिलों रायपुर, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद, गरियाबंद, बेमेतरा, राजनांदगांव, बिलासपुर, मानस मंडली, कांकेर, मुंगेली, रायगढ़, बलौदा भाटापारा बाजार, खैरागढ़ छुई खदान गंडई, कवर्धा एवं 17 फरवरी गौरेला पेंड्रा मरवाही, जांजगीर-चांपा, सक्ती, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, सूरजपुर, कोरिया सरगू कोंडागांव, कोरबा, जशपुर, बस्तर जगदल, बालोद, नारायणपुर , बीजापुर और 18 फरवरी को सुकमा, बलरामपुर, सारंगढ़ बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, दंतेवाड़ा जिले के एनसेंबल सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रदर्शन करेंगे. इस बीच मुख्य मंच पर वियतनाम और श्रीलंका की दो विदेशी रामायण टीमों की प्रस्तुति होगी। जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में इस आयोजन को लेकर उत्सुकता है।

यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन धर्मस्व एवं पर्यटन विभाग एवं स्थानीय आयोजन समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है। मेले की शुरुआत कल्पवास से होती है। भक्त एक पखवाड़े पहले पंचकोशी यात्रा शुरू करते हैं। पंचकोशी यात्रा के दौरान श्रद्धालु पटेश्वर, फिंगेश्वर, ब्राह्मणेश्वर, कोपेश्वर और चंपेश्वर नाथ के दर्शन पैदल ही करते हैं और धूनी का आनंद लेते हैं। 101 किमी की यात्रा समाप्त होती है और माघ पूर्णिमा पर मेला शुरू होता है। राजिम माघी पुन्नी मेले में प्रतिवर्ष विभिन्न स्थानों से हजारों साधु-संत आते हैं, प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले इस माघी पुन्नी मेले में हजारों की संख्या में नागा साधु-संत आदि विशेष पर्व, स्नान और साधु-संत आते हैं और भाग लेते हैं। विभिन्न राज्यों से लाखों लोग आकर भगवान श्री राजीव लोचन एवं श्री कुलेश्वर नाथ महादेव के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य मानते हैं।




