डॉलर के मुकाबले संभली रुपया: कच्चा तेल सस्ता, बाजार में लौटी थोड़ी राहत

रुपये की मजबूती से बाजार में आई राहत: जानिए क्या है वजह- शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 24 पैसे की बढ़त दिखाई और 89.96 के स्तर तक पहुंच गया। यह मजबूती खासतौर पर कॉरपोरेट कंपनियों की डॉलर की खरीदारी में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण आई है। पिछले हफ्तों में लगातार गिरावट के बाद यह सुधार बाजार के लिए एक राहत भरा संकेत माना जा रहा है।
RBI के हस्तक्षेप से बाजार में संतुलन- फॉरेक्स विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये में आई मजबूती भारतीय रिजर्व बैंक के सक्रिय हस्तक्षेप का नतीजा है। हाल के दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ था, लेकिन RBI की कार्रवाई से बाजार में फिर से संतुलन बना है। हालांकि, दिन के दौरान हल्की उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी, जो सामान्य प्रक्रिया है।
इंटरबैंक मार्केट में रुपये की चाल- इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 90.19 पर खुला और जल्दी ही 89.96 तक मजबूत हुआ। कारोबार के शुरुआती दौर में यह 90.22 तक भी फिसला था। इससे पहले गुरुवार को रुपया 18 पैसे मजबूत होकर 90.20 पर बंद हुआ था, जबकि मंगलवार को यह पहली बार 91 के पार गया था, जो चिंता का विषय था।
विशेषज्ञों की राय: रुपया रहेगा दायरे में- फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के अनिल कुमार भंसाली के अनुसार, फिलहाल सट्टेबाज बाजार से दूर हैं, जिससे डॉलर खरीदने का दबाव कम हुआ है। अमेरिकी CPI आंकड़े उम्मीद से कम आए हैं, लेकिन अगला महीना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। उनका मानना है कि रुपया 90 से 90.50 के दायरे में बना रहेगा और ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा।
डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल का असर- डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाता है, 0.04 फीसदी बढ़कर 98.46 पर कारोबार कर रहा है। वहीं, ब्रेंट क्रूड वायदा 0.27 फीसदी गिरकर 59.66 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। कच्चे तेल की कीमतों में यह नरमी आयातक देशों के लिए राहत लेकर आई है और रुपये को भी सहारा दिया है।
शेयर बाजार में भी दिखी तेजी- घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। बीएसई सेंसेक्स 375.98 अंकों की बढ़त के साथ 84,857.79 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 110.60 अंक चढ़कर 25,934.15 पर कारोबार कर रहा था। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 595.78 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार को मजबूती मिली।
रुपये की कमजोरी पर चिंता नहीं: संजीव सान्याल- प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने रुपये की कमजोरी को लेकर चिंता जताने से इनकार किया है। उनका कहना है कि तेज विकास के दौर में कई देशों ने मुद्रा कमजोरी देखी है। RBI जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप कर अस्थिरता को रोकता है, इसलिए रुपये की कमजोरी को आर्थिक संकट से जोड़ना सही नहीं है।



