रुपया मजबूत: भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते से बाजार में जोश, डॉलर के मुकाबले बढ़त

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से रुपया मजबूत, बाजार में बढ़ी उम्मीदें- सोमवार सुबह रुपये ने डॉलर के मुकाबले 21 पैसे की बढ़त के साथ 90.44 पर कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में यह 90.66 पर खुला था, लेकिन भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की खबर ने बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया। इस समझौते से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और रुपया संभल गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार डॉलर इंडेक्स में नरमी और घरेलू शेयर बाजार की तेजी ने भी रुपये को मजबूती दी।
RBI की सक्रिय भूमिका और डॉलर इंडेक्स में गिरावट का असर-विशेषज्ञों का कहना है कि रिजर्व बैंक बाजार में संतुलन बनाए रखने के लिए दोनों तरफ सक्रिय है। जब डॉलर की कीमत ज्यादा बढ़ती है तो RBI उसे बेचकर गिरावट रोकता है। हाल ही में समझौते की घोषणा के बाद भी RBI ने डॉलर की खरीद-फरोख्त पर नजर रखी। शनिवार को RBI ने 90.05 के आसपास डॉलर खरीदे। इस दौरान डॉलर इंडेक्स 0.05 फीसदी गिरकर 97.58 पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत भी 0.94 फीसदी गिरकर 67.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।
आयात शुल्क में कटौती और 500 अरब डॉलर की खरीद का इरादा-इस अंतरिम समझौते के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करेगा। वहीं भारत भी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कृषि-खाद्य वस्तुओं जैसे ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन, रेड ज्वार, मेवे, फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स पर शुल्क कम या खत्म करेगा। दोनों देशों के संयुक्त बयान के मुताबिक भारत अगले पांच साल में अमेरिका से ऊर्जा, विमान, कीमती धातु, टेक्नोलॉजी और कोकिंग कोल समेत 500 अरब डॉलर की खरीद का इरादा रखता है।
शेयर बाजार में तेजी, विदेशी निवेश और रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा भंडार-घरेलू शेयर बाजार में भी उत्साह देखने को मिला। सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 415.97 अंक की तेजी दिखाते हुए 83,996.37 पर कारोबार किया, जबकि निफ्टी 126.05 अंक बढ़कर 25,819.75 पर पहुंचा। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,950.77 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, RBI के मुताबिक 30 जनवरी को खत्म हुए हफ्ते में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 14.361 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 723.774 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इससे पहले भी भंडार में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
भारत-अमेरिका के बीच हुए इस अंतरिम व्यापार समझौते ने रुपये को मजबूती दी है और बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है। RBI की सक्रियता, डॉलर इंडेक्स में गिरावट और घरेलू शेयर बाजार की तेजी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। साथ ही, दोनों देशों के बीच टैरिफ में कटौती और बड़े पैमाने पर खरीद के इरादे से आर्थिक सहयोग मजबूत होगा, जो आने वाले समय में व्यापार और निवेश के लिए फायदेमंद साबित होगा।



