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शेयर बाजार में गिरावट का दबाव: ट्रंप की टैरिफ चेतावनी और दिग्गज शेयरों की बिकवाली से Sensex-Nifty फिसले

शेयर बाजार की शुरुआत में कमजोरी: रिलायंस और एचडीएफसी बैंक में भारी बिकवाली, अमेरिकी टैरिफ चेतावनी का असर- शेयर बाजार मंगलवार को कमजोर शुरुआत के साथ खुला। बड़े और प्रमुख शेयर जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक में भारी बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके साथ ही अमेरिका की ओर से भारत पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी ने बाजार की नकारात्मकता को और बढ़ाया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए।

सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट-बीएसई का सेंसेक्स 431.95 अंक गिरकर 85,007.67 पर आ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 105.6 अंक टूटकर 26,144.70 पर कारोबार कर रहा था। पिछले कुछ सत्रों से बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है और मंगलवार को यह गिरावट और गहरी हो गई। यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

ट्रेंट समेत कई बड़े शेयरों में गिरावट-टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जो दिसंबर तिमाही में 17% की राजस्व वृद्धि के बावजूद 7% से अधिक गिर गए। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, एचडीएफसी बैंक और अदाणी पोर्ट्स जैसे बड़े शेयर भी नुकसान में रहे। यह दर्शाता है कि बाजार में व्यापक दबाव है और निवेशक बड़े शेयरों से भी बचाव कर रहे हैं।

कुछ शेयरों ने दिखाई मजबूती-हालांकि बाजार में दबाव था, कुछ चुनिंदा शेयरों ने मजबूती दिखाई। आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील के शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे। यह बताता है कि बाजार पूरी तरह निराश नहीं है और कुछ सेक्टर्स में खरीदारी जारी है, जो बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

एफआईआई ने की बिकवाली, डीआईआई बने सहारा-विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को 36.25 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,764.07 करोड़ रुपये की खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की यह भागीदारी बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है।

बाजार भावना पर विशेषज्ञों की राय-एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर के के अनुसार, भू-राजनीतिक घटनाओं और टैरिफ से जुड़ी चिंताओं के कारण बाजार में सतर्कता बनी हुई है। लेकिन मजबूत घरेलू आर्थिक स्थिति और संस्थागत निवेशकों की सक्रिय भागीदारी से बाजार को अंदरूनी सहारा मिल रहा है। इसलिए बाजार में बड़ी गिरावट के बावजूद पूरी तरह टूट नहीं रहा।

ट्रंप की टिप्पणी से बढ़ी चिंता-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जानते हैं कि वे भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने से खुश नहीं हैं। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिका जल्द ही भारत पर टैरिफ बढ़ा सकता है। यह बयान बाजार में अनिश्चितता और चिंता को और बढ़ा रहा है।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल-एशियाई बाजारों में माहौल सकारात्मक रहा, जहां कोस्पी, निक्केई 225, शंघाई एसएसई कंपोजिट और हैंग सेंग इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। अमेरिकी बाजार भी सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए, जो वैश्विक स्तर पर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

कच्चे तेल और पिछले सत्र का अपडेट-वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.24% गिरकर 61.61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। सोमवार को सेंसेक्स 322.39 अंक गिरकर 85,439.62 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 78.25 अंक टूटकर 26,250.30 पर बंद हुआ था। यह बाजार की अस्थिरता और वैश्विक प्रभावों को दर्शाता है।

 

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