शरद पवार ने गौतम अडानी की तारीफ की, बोले– मेहनत और सपनों की उड़ान की मिसाल

कांग्रेस स्थापना दिवस पर शरद पवार का बयान: अडानी की तारीफ ने बढ़ाई सियासी हलचल-कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस पर एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने उद्योगपति गौतम अडानी की खुले दिल से तारीफ की। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पवार ने अडानी की सफलता को प्रेरणादायक बताया, जबकि अडानी ने उन्हें अपना मार्गदर्शक कहा।
राहुल गांधी के हमलों के बीच आया बयान-यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब कांग्रेस, खासकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, अडानी समूह पर लगातार हमले कर रहे हैं। हालांकि यह कार्यक्रम गैर-राजनीतिक था, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति को देखते हुए इसे राजनीतिक रूप में देखा जा रहा है।
बारामती में हुआ खास आयोजन-गौतम अडानी पुणे जिले के बारामती पहुंचे, जहां उन्होंने ‘शरद पवार सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के नए परिसर का उद्घाटन किया। बारामती पवार परिवार का गढ़ माना जाता है, इसलिए अडानी की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को खास बना दिया।
पवार परिवार के कई सदस्य रहे मौजूद-कार्यक्रम में शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले, भतीजे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और अन्य परिवार के सदस्य मौजूद थे। एनसीपी विधायक रोहित पवार ने अडानी का स्वागत किया।
अडानी के सफर को बताया युवाओं के लिए प्रेरणा-शरद पवार ने कहा कि गुजरात के सूखा प्रभावित बनासकांठा जिले से निकलकर अडानी ने देशभर में कारोबार खड़ा किया, जो मेहनती युवाओं के लिए बड़ी सीख है। मुंबई आकर शून्य से शुरुआत कर आज इस मुकाम तक पहुंचना प्रेरणादायक है।
अडानी ने शरद पवार को बताया सच्चा मार्गदर्शक-गौतम अडानी ने कहा कि पिछले करीब 30 सालों में शरद पवार के साथ जुड़ाव ने उनके सोचने का तरीका बदला। पवार से उन्हें ज्ञान के साथ समझदारी और संवेदनशीलता भी मिली, जो उन्हें सच्चा मेंटर बनाती है।
‘बारामती मॉडल’ की जमकर तारीफ-अडानी ने बारामती मॉडल की सराहना की और बताया कि शरद पवार का काम सिर्फ स्थानीय विकास तक सीमित नहीं है। कृषि सुधार, सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना और उद्यमिता को बढ़ावा देना विकास के व्यापक उदाहरण हैं।
युवाओं से AI के जरिए देश निर्माण की अपील-अडानी ने युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को तकनीक अपनाने से आगे बढ़कर अपनी क्षमता खुद बनानी होगी। यह सेंटर शिक्षा, उद्योग और राष्ट्रीय उद्देश्य को जोड़ने का काम करेगा।



