फर्जी इनवॉइस से 14 करोड़ की कर चोरी: डीजीजीआई रायपुर की बड़ी कार्रवाई, संतोष वाधवानी गिरफ्तार

बेटे के नाम पर फर्म चलाकर 14 करोड़ की कर चोरी, रायपुर में बड़ी कार्रवाई-रायपुर में जीएसटी विभाग ने एक बड़े कर चोरी के मामले का पर्दाफाश किया है। संतोष वाधवानी ने अपने बेटे के नाम पर पंजीकृत फर्म ‘मेसर्स विजय लक्ष्मी ट्रेड कंपनी’ को चलाते हुए 80 करोड़ के फर्जी इनवॉइस जारी किए और 14 करोड़ रुपये का टैक्स चोरी किया। इस मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
80 करोड़ के फर्जी बिल और 14 करोड़ की टैक्स चोरी-जांच में पता चला कि आरोपी ने बिना कोई माल या सेवा दिए करीब 80 करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉइस बनाए। इन फर्जी बिलों के आधार पर उसने 14 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। यह आर्थिक अपराध डीजीजीआई ने गंभीर माना है।
डेटा एनालिटिक्स से खुली साजिश की परतें-डीजीजीआई रायपुर की टीम ने बैंक स्टेटमेंट, ई-वे बिल और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की। पुख्ता खुफिया सूचना और डेटा एनालिटिक्स के जरिए यह साफ हुआ कि आरोपी लगातार फर्जी इनवॉइस बनाकर टैक्स क्रेडिट का गलत फायदा उठा रहा था। इस जांच ने पूरे खेल की पोल खोल दी।
गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत-जब जांच में फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट की राशि 5 करोड़ से अधिक पाई गई, तो आरोपी को सीजीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया गया। उसे रायपुर जिला न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया और 30 जनवरी की शाम सेंट्रल जेल रायपुर में रखा गया।
कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी-डीजीजीआई रायपुर जोनल यूनिट ने साफ किया है कि कर चोरी और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने व्यापारियों से जीएसटी नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि धोखाधड़ी में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। मामले में अन्य सहयोगियों की जांच भी जारी है।



