विजय रूपाणी को अंतिम विदाई आज: राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार, राजकोट में उमड़ा जनसैलाब

विजय रूपाणी: एक युग का अंत-पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी जी के निधन से गुजरात शोक में डूबा हुआ है। 12 जून को हुए हवाई हादसे में उनकी मृत्यु ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। आज, उनकी पार्थिव देह को राजकोट लाया जा रहा है, जहाँ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
राजकोट में अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार-आज शाम राजकोट में रूपाणी जी का अंतिम संस्कार होगा। इससे पहले, आम जनता के लिए उनके पार्थिव शरीर के दर्शन का समय निर्धारित किया गया है। केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। पंजाब से भी बीजेपी नेता श्रद्धांजलि देने पहुँच रहे हैं। यह एक नेता की विदाई नहीं, बल्कि एक युग का अंत है।
बेटे का संदेश: शोक और आभार-विजय रूपाणी जी के बेटे, ऋषभ रूपाणी ने इस दुखद समय में सभी को धन्यवाद दिया। उन्होंने बचाव कार्य में लगे लोगों और नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने हमेशा जनता की सेवा की और आज जनता उन्हें अंतिम विदाई देने आई है। यह भावनात्मक क्षण है, जो सभी के दिलों को छू रहा है।
राजकोट में सुरक्षा के इंतज़ाम-राजकोट पुलिस ने अंतिम यात्रा के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। ट्रैफिक रूट डायवर्ट किया गया है और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वीआईपी मूवमेंट और भीड़ को ध्यान में रखते हुए, पूरी तैयारी की गई है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सब कुछ सुचारू रूप से चले, सभी उपाय किए गए हैं।
हादसे की भयावहता और शवों की पहचान-हवाई हादसे में 92 लोगों की मृत्यु हुई है। अब तक 47 शवों की पहचान हो पाई है और उन्हें परिवारों को सौंप दिया गया है। बाकी शवों की पहचान की जा रही है। यह हादसा एक बड़ी त्रासदी है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
जनता का भावुक विदाई-राजकोट में लोग बड़ी संख्या में रूपाणी जी को अंतिम विदाई देने पहुँच रहे हैं। हर किसी की आँखें नम हैं। उनका जनता से गहरा नाता था, इसलिए सभी उन्हें श्रद्धांजलि देने आ रहे हैं। यह भावनात्मक विदाई एक ऐतिहासिक क्षण है।
एक युग का अंत, लेकिन यादें अमर-विजय रूपाणी जी का जाना एक बड़ी क्षति है। उनकी सादगी, सेवा और संयम हमेशा याद रखी जाएगी। यह विदाई एक युग के अंत की गवाही है, लेकिन उनकी यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी।



