कर्तव्य पथ पर दिखेगी युद्ध की असली झलक, ‘सूर्यास्त्र’ से लेकर भैरव कमांडो तक पहली बार होंगे शामिल

गणतंत्र दिवस परेड 2026: पहली बार ‘सूर्यास्त्र’ और भैरव लाइट कमांडो की धमाकेदार एंट्री-गणतंत्र दिवस परेड इस बार कई नई और खास चीजों के साथ एक यादगार आयोजन बनने जा रही है। पहली बार परेड में डीप-स्ट्राइक क्षमता वाला यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’, नया भैरव लाइट कमांडो बटालियन, जांस्कर पोनी और बैक्ट्रियन ऊंट भी नजर आएंगे। यह परेड सिर्फ ताकत दिखाने का मंच नहीं, बल्कि आधुनिक युद्ध की तैयारियों का भी परिचय देगी।
‘सूर्यास्त्र’ और भैरव लाइट कमांडो की पहली बार परेड में एंट्री-इस साल गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट सिस्टम और भैरव लाइट कमांडो बटालियन शामिल होंगे। ‘सूर्यास्त्र’ एक अत्याधुनिक डीप-स्ट्राइक हथियार है, जो 300 किलोमीटर तक मार कर सकता है। भैरव बटालियन को खासतौर पर इन्फैंट्री और स्पेशल फोर्स के बीच की खाई को पाटने के लिए बनाया गया है। ये दोनों पहली बार परेड में अपनी ताकत और आधुनिक युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
61 कैवेलरी का नया युद्धक रूप-61 कैवेलरी, जो अपनी भव्य सेरेमोनियल वर्दी के लिए जानी जाती है, इस बार युद्धक पोशाक में परेड का नेतृत्व करेगी। जवान पहली बार युद्ध के लिए तैयार गियर में नजर आएंगे। इसके साथ ही सेना के स्वदेशी हथियार और सिस्टम “फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन” में कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगे, जो युद्ध की वास्तविक तैनाती जैसा अनुभव देगा।
नया शक्तिबाण रेजिमेंट और आधुनिक तोपखाना-परेड में आर्टिलरी का नया शक्तिबाण रेजिमेंट भी पहली बार दिखेगा। यह रेजिमेंट ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और लॉइटर म्यूनिशन से लैस है। इसका मकसद भविष्य के युद्ध में तकनीक की भूमिका को उजागर करना है। अब सेना जमीन के साथ-साथ ड्रोन युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
6,000 जवान, 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 सैन्य बैंड-इस बार परेड में करीब 6,000 जवान हिस्सा लेंगे। कुल 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 सैन्य बैंड 90 मिनट तक चलने वाली इस भव्य परेड में शामिल होंगे। यह आयोजन सैन्य अनुशासन, समन्वय और परंपरा का शानदार मेल होगा, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।
जानवरों की टुकड़ी: भारतीय सेना के मूक योद्धा-परेड में जांस्कर पोनी, बैक्ट्रियन ऊंट, शिकारी पक्षी और आर्मी डॉग्स की विशेष टुकड़ी भी होगी। ये जानवर भारतीय सेना के “मूक योद्धा” हैं, जो कई अभियानों में फोर्स मल्टीप्लायर की भूमिका निभाते हैं। रिमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स की कैप्टन हर्षिता राघव के अनुसार, ये जानवर सेना की ताकत को और बढ़ाते हैं।
ब्रह्मोस से लेकर ATAGS तक: स्वदेशी हथियारों का जलवा-परेड में ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम, एमआरएसएएम, एडवांस्ड टोइड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), धनुष तोप, शक्तिबाण और ड्रोन का भी प्रदर्शन होगा। खास बात यह है कि 300 किलोमीटर तक मार करने वाला ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट पहली बार परेड में दिखेगा, जो भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक की ताकत को दर्शाता है।
नया फॉर्मेट: युद्ध जैसी तैनाती में सैन्य दस्ते-इस बार सेना “फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन” में परेड करेगी, यानी जैसे असली युद्ध में पहले टोही, फिर हथियार, लॉजिस्टिक्स और सैनिक चलते हैं, उसी क्रम में परेड होगी। इसका मकसद दर्शकों को परेड का एक वास्तविक और रोमांचक अनुभव देना है।
आसमान में भी युद्धक क्रम का प्रदर्शन-फ्लाइपास्ट में इस बार 29 विमान शामिल होंगे, जिनमें राफेल, सुखोई-30, पी-8आई, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एमआई-17, सी-130 और सी-295 शामिल हैं। ये विमान भी “बैटल एरे फॉर्मेशन” में उड़ान भरेंगे, जो हवाई युद्ध की ताकत को दिखाएगा।
यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि-इस बार परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा होंगे। उनके साथ एक छोटा यूरोपीय संघ दल भी परेड में शामिल होगा, जो भारत और यूरोप के बीच बढ़ते रणनीतिक रिश्तों का प्रतीक है।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से परेड की शुरुआत-परेड की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से होगी। परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार होंगे, और उनके बेटे कैप्टन अहान कुमार 61 कैवेलरी का नेतृत्व करेंगे।
‘वंदे मातरम्’ के 150 साल: परेड की मुख्य थीम-इस साल की परेड की थीम ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने पर आधारित है। यह थीम सेना की ताकत, सांस्कृतिक गौरव और ऐतिहासिक चेतना का संगम है, जो भारत की सैन्य विरासत और भविष्य की तैयारियों को एक साथ दर्शाती है।



