17 साल बाद वतन वापसी: तारेक रहमान की घर वापसी से बांग्लादेश की राजनीति में हलचल

17 साल के वनवास के बाद तारेक रहमान की बांग्लादेश वापसी: राजनीति में नया मोड़- तारेक रहमान की लंबी विदेश यात्रा का अंत बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारेक रहमान 17 साल के लंबे लंदन प्रवास के बाद गुरुवार को बांग्लादेश लौट रहे हैं। उनकी यह वापसी बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है, खासकर फरवरी 2025 में होने वाले आम चुनावों को देखते हुए।
तारेक रहमान कौन हैं?-60 वर्षीय तारेक रहमान बांग्लादेश की राजनीति के दो बड़े नामों—खालिदा जिया और जियाउर रहमान—के बेटे हैं। उनके पिता जियाउर रहमान सेना प्रमुख से राष्ट्रपति बने और BNP की स्थापना की। तारेक रहमान को शेख हसीना सरकार के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में सजा हुई थी और 2007 में उन पर कई केस दर्ज किए गए थे।
गिरफ्तारी, इलाज और लंदन में लंबा प्रवास-2007-08 के दौरान सैन्य समर्थित अंतरिम सरकार ने तारेक रहमान को हिरासत में लिया था। रिहा होने के बाद वे इलाज के लिए ब्रिटेन चले गए और वहीं बस गए। इस दौरान बांग्लादेश में उन पर कई आपराधिक मामले चले, जिनमें शेख हसीना की हत्या की साजिश का केस भी था। बाद में हसीना के सत्ता से हटने पर उन्हें सभी मामलों से बरी कर दिया गया।
BNP के लिए तारेक रहमान की वापसी का मतलब-BNP प्रवक्ता रूहुल कबीर रिजवी ने तारेक रहमान की वापसी को “राजनीति का निर्णायक पल” बताया है। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार के गिरने से बदले राजनीतिक माहौल में BNP सबसे आगे दिख रही है। ऐसे समय में तारेक रहमान की वापसी पार्टी को नई ताकत और दिशा दे सकती है।
बदलती राजनीति और नए प्रतिद्वंद्वी-2001-06 के दौरान BNP की सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी अब उसकी सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। अंतरिम सरकार ने कड़े आतंकवाद विरोधी कानून के तहत अवामी लीग को भंग कर दिया है। इस बदलते माहौल में BNP के लिए नेतृत्व और रणनीति दोनों महत्वपूर्ण हो गए हैं, जिसमें तारेक रहमान की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री पद को लेकर पार्टी का रुख-BNP महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने साफ कर दिया है कि अगर पार्टी सत्ता में आती है और खालिदा जिया की सेहत ठीक रहती है, तो वे प्रधानमंत्री होंगी। लेकिन अगर ऐसा संभव नहीं हुआ, तो तारेक रहमान को अगला प्रधानमंत्री चेहरा बनाया जाएगा। इससे उनकी वापसी का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।
मां से मिलने और घायलों का हाल जानने का कार्यक्रम-तारेक रहमान अपनी पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी जाइमा रहमान के साथ ढाका पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से सीधे स्वागत कार्यक्रम में शामिल होंगे और फिर ICU में भर्ती अपनी मां खालिदा जिया से मिलने एवरकेयर अस्पताल जाएंगे। इसके अलावा वे जुलाई 2024 आंदोलन में घायल लोगों से मिलने ट्रॉमा और ऑर्थोपेडिक संस्थान भी जाएंगे।
वोटर रजिस्ट्रेशन और शहीद को श्रद्धांजलि- शनिवार को तारेक रहमान औपचारिक रूप से वोटर के तौर पर पंजीकरण कराएंगे। इसके बाद वे ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल मस्जिद के पास मारे गए युवा नेता उस्मान हादी की कब्र पर जाकर श्रद्धांजलि देंगे। उनकी यह पूरी यात्रा यह दर्शाती है कि वे राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।



