ट्रंप का मोदी को जन्मदिन फोन: रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी जताई सराहना

मोदी के बर्थडे पर ट्रंप का स्पेशल कॉल: दोस्ती की गरमाहट, रिश्तों में मिठास!
जब ट्रंप ने मोदी को किया फोन: जन्मदिन की बधाई और रूस-यूक्रेन पर खास चर्चा-सोचिए, एक तरफ दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के लीडर, और दूसरी तरफ एक खास मौका – हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन! इसी मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद फोन घुमाया और मोदी जी को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। ये कोई आम कॉल नहीं थी, बल्कि एक ऐसी बातचीत थी जिसे ट्रंप ने खुद ‘बेहतरीन’ बताया। उन्होंने सिर्फ बर्थडे विश ही नहीं किया, बल्कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे झगड़े को खत्म करने में भारत के रोल की भी खूब तारीफ की। ये कॉल ऐसे वक़्त पर आई जब दोनों देशों के बीच व्यापार और टैरिफ को लेकर थोड़ी अनबन चल रही थी। लेकिन इस कॉल ने जैसे सब कुछ बदल दिया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि मोदी जी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और युद्ध खत्म करने में उनके योगदान के लिए धन्यवाद भी दिया। ऐसा लगा जैसे दोस्ती की एक नई हवा चली हो।
मोदी का जवाब: भारत-अमेरिका की दोस्ती और भी मज़बूत!-प्रधानमंत्री मोदी ने भी तुरंत जवाब दिया, ट्रंप के फोन और शुभकामनाओं के लिए दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने साफ कहा कि भारत और अमेरिका सिर्फ दोस्त नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्राकृतिक पार्टनर हैं। मोदी जी ने यह भी लिखा कि वे भी उतने ही पूरी तरह से लगे हुए हैं कि भारत और अमेरिका के बीच जो एक बड़ी और ग्लोबल पार्टनरशिप है, उसे और भी ऊंचाइयों पर ले जाएं। रूस-यूक्रेन के मामले में शांति बनाए रखने के लिए अमेरिका के प्रयासों का भी उन्होंने पूरा समर्थन किया। मोदी जी को पूरा भरोसा है कि व्यापार को लेकर जो बातचीत चल रही है, वो जल्द ही खत्म होगी और इससे दोनों देशों के बीच की दोस्ती के नए रास्ते खुलेंगे, जिनकी संभावनाएं असीम हैं। ये बातें सुनकर लगा कि दोनों देशों के रिश्ते अब और भी मज़बूत होंगे।
व्यापारिक मतभेदों के बीच सुलह की कोशिश: एक नई उम्मीद!-ये फोन कॉल इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में ट्रंप ने भारत पर काफी ज़्यादा टैरिफ (जैसे रूस से तेल खरीदने पर 25% का शुल्क) लगा दिए थे। अमेरिकी सरकार कई बार भारत की ऊँची टैरिफ नीतियों पर अपनी नाराज़गी जता चुकी थी। लेकिन, पिछले हफ्ते ही ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उन्हें यकीन है कि भारत और अमेरिका अपने व्यापार से जुड़े मसलों को सुलझा लेंगे। मोदी जी ने भी इस पर जवाब देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर जो समझौते होंगे, उनसे एक सुनहरा और समृद्ध भविष्य बनेगा। इस कॉल ने वाकई में इन बातों को और पक्का कर दिया। ऐसा लगा जैसे मुश्किलों के बादल छंट रहे हैं और एक नई, सकारात्मक शुरुआत हो रही है।



