यूक्रेन को फिर मिले अमेरिकी हथियार, ट्रंप प्रशासन के रुकने के फैसले पर मचा था घमासान

यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई फिर से शुरू-एक हफ़्ते के रुकने के बाद, अमेरिका ने यूक्रेन को हथियार भेजना फिर से शुरू कर दिया है। पेंटागन ने पहले हथियारों की जाँच के लिए सप्लाई रोक दी थी, लेकिन अब 155 मिमी के गोले और GMLRS मिसाइलें यूक्रेन पहुँच रही हैं।
व्हाइट हाउस हैरान, ट्रंप नाराज़-पेंटागन के फैसले से व्हाइट हाउस हैरान रह गया। राष्ट्रपति ट्रंप को इस बात से नाराज़गी थी कि ये फैसला उनके साथ साझा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई फैसला होता, तो उन्हें पहले ही पता चल जाता। हालांकि, पेंटागन ने कहा कि राष्ट्रपति को इस बारे में जानकारी थी।
ट्रंप का टालमटोल वाला जवाब-जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि आखिर सप्लाई क्यों रोकी गई, तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता।” उनके जवाब ने और भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे साफ़ नहीं हो पा रहा है कि आखिर क्या हुआ था।
यूक्रेन को 67 अरब डॉलर की मदद-युद्ध शुरू होने से अब तक अमेरिका ने यूक्रेन को 67 अरब डॉलर से ज़्यादा की सैन्य मदद दी है। हालांकि, सप्लाई रुकने से थोड़ी चिंता ज़रूर हुई थी, लेकिन अब मदद जारी रहेगी।
GMLRS और 155 मिमी गोले: ताकतवर हथियार-155 मिमी के गोले और GMLRS (Guided Multiple Launch Rocket System) मिसाइलें यूक्रेन की रक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। GMLRS काफी सटीक और लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है, जबकि 155 मिमी के गोले युद्ध के मोर्चे पर बहुत कारगर हैं।
पेंटागन का स्पष्टीकरण: राष्ट्रपति को जानकारी थी-पेंटागन ने साफ़ किया है कि रक्षा सचिव को राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बारे में जानकारी दी थी। लेकिन ट्रंप के बयानों से ये बात साफ़ नहीं होती। इससे दोनों संस्थाओं के बीच संवाद की कमी पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सबसे ज़रूरी बात ये है कि हथियारों की सप्लाई फिर से शुरू हो गई है।



